पंचकूला। शहर की बहुमंजिला इमारतें आग से सुरक्षित नहीं हैं। साल 2026 में पंचकूला सहित प्रदेश के 13 शहरों को हाइड्रोलिक लैडर मिलेगी। इसकी मंजूरी मिल गई है। फिनलैंड से हाइड्रोलिक लैडर मंगवाई जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। करीब तीन माह बाद पंचकूला को 55 या 70 मीटर का हाइड्रोलिक लैडर मिलने की संभावना है। जिले में 219 बहुमंजिली इमारतें हैं। अभी इन इमारतों के ऊपरी हिस्सों में आग लगने की स्थिति में बचाव के कारगर तरीके दमकल विभाग के पास नहीं है। कर्मचारी छिटपुट संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश करते हैं। विभाग की हाइड्रोलिक लैडर 7 जुलाई 2024 को एक्सपायर हो गई थी। इसके बाद यूएलबी के मुख्यालय और डायरेक्टर जनरल सप्लाई एंड डिस्पोजल के कार्यालय में प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइल घूमती रही। करीब एक साल बाद प्रस्ताव पर काम शुरू हुआ है।
हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी एक दशक पुराना मिला
फायर टेंडर हो या फिर हाइड्रोलिक प्लेटफाॅर्म, हमेशा पंचकूला के हिस्से में पुराना ही सामान आया है। 27 फरवरी 2018 को गुरुग्राम से हाइड्रोलिक लैडर पंचकूला लाई गई थी। नौ मंजिला इमारत तक लगी आग को इस हाइड्रोलिक लैडर से बुझाई जा सकती है। जब तक पंचकूला दमकल विभाग के पास नया हाइड्रोलिक लैडर नहीं आ जाती तब तक पंचकूला को मोहाली और चंडीगढ़ पर निर्भर रहना पड़ेगा।
खरीदारी में क्या खास
हाइड्रोलिक प्लेटफार्म 42 मीटर, 55 मीटर, 70 मीटर और 90 मीटर ऊंचाई वाले होंगे। इसके अलावा 55 मीटर क्षमता की टर्नटेबल लैडर भी खरीदी जाएगी। गुरुग्राम और पंचकूला में ही 42 मीटर क्षमता की हाइड्रोलिक लैडर है।
कोट...
हाइड्रोलिक लैडर नई खरीदी जानी है। इसकी मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द पंचकूला सहित प्रदेश के 13 जिलों को नई हाइड्रोलिक लैडर मिलेगी। -गुलशन कालरा, अधिकारी यूएलबी