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Panchkula News: एक्सपायर होने के दस माह बाद भी नहीं मिला हाइड्रोलिक लैडर

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एक्सपायरी लैडर। संवाद 
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पंचकूला। शहर की बहुमंजिली इमारतें आग से सुरक्षित नहीं हैं। जिले की 150 बहुमंजिली इमारतों के ऊपरी हिस्सों में आग लगने की स्थिति में बचाव के कारगर तरीके फायर ब्रिगेड के पास नहीं है। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी छिटपुट संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश कर सकते हैं। उनका यह प्रयास कितना कारगर साबित होगा यह तो समय के गर्भ में है। अग्निशमन विभाग के पास आग लगने की स्थिति में इतनी ऊंचाई तक पानी पहुंचाने का फिलहाल कोई इंतजाम नहीं है। विभाग का हाइड्रोलिक लैडर 7 जुलाई 2024 को एक्सपायर हो गया था। इसके बाद यूएलबी के मुख्यालय और डायरेक्टर जनरल सप्लाई एंड डिस्पोजल के कार्यालय में प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइल घूम रही है।
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हाइड्रोलिक प्लेटफार्म भी एक दशक पुराना मिला
पंचकूला को मिलने वाला फायर टेंडर हो या फिर हाइड्रोलिक प्लेटफार्म, हमेशा पंचकूला के हिस्से में पुराना ही सामान आया है। 27 फरवरी 2018 को गुरुग्राम से हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पंचकूला लाया गया था। नौ मंजिला इमारत तक लगी आग को इस हाइड्रोलिक प्लेटफार्म से बुझाया जा सकता है। जब तक पंचकूला दमकल विभाग के पास नया हाइड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं आ जाता, तब तक पंचकूला को मोहाली और चंडीगढ़ पर निर्भर रहना पड़ेगा। आग लगने की सूरत में जब तक वहां से हाइड्रोलिक प्लेटफार्म आएगा तब तक काफी नुकसान हो चुका होगा।


हाइड्रोलिक लैडर नया खरीदा जाना है। इसकी फाइल डायरेक्टर जनरल सप्लाई एंड डिस्पोजल के पास भेजी गई है। जल्द पंचकूला को नया हाइड्रोलिक लैडर मिलेगा। - गुलशन कालरा, अधिकारी यूएलबी।
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