पंचकूला। सेक्टर-11 स्थित सामुदायिक केंद्र में चल रहे जिला पुस्तकालय की जर्जर हालत और छात्रों की सुरक्षा का मामला अब नगर निगम से आगे बढ़कर हरियाणा मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा निदेशालय को सौंपी है। अब शिक्षा विभाग को यह तय करना होगा कि भवन छात्रों के बैठने के लिए सुरक्षित है या नहीं।
आयोग में शिकायतकर्ता अधिवक्ता आर.वी. शर्मा ने शिकायत में बताया था कि पुस्तकालय भवन का प्लास्टर झड़ रहा है, दीवारों में दरारें हैं, छतों में सीलन है और शौचालय बदहाल हैं। दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप की सुविधा भी नहीं है। मामले की सुनवाई करते हुए ज्यूडिशियल मेंबर कुलदीप जैन ने 6 अक्टूबर के आदेश में कहा कि मामला रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा है। इसलिए इसकी जांच उच्च शिक्षा निदेशक, शिक्षा सदन, सेक्टर-5 को करनी होगी।
आयोग ने शिकायत का निर्देश के साथ निपटारा करते हुए निदेशक को सभी बिंदुओं की जांच के निर्देश दिए हैं। आरोप सही मिलने पर भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, स्वच्छता, शौचालय, पेयजल और दिव्यांगों की पहुंच से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी।
नगर निगम कमिश्नर विनय कुमार ने बताया कि सामुदायिक केंद्र का निरीक्षण कराया गया है। बरसात और सीलन के कारण मरम्मत शुरू नहीं हो सकी थी। दो दिन पहले मरम्मत कार्य का एस्टिमेट मंजूर हो चुका है। जल्द काम शुरू किया जाएगा।