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रिजर्व प्राइज छुपाकर अलॉटियों के साथ धोखा कर रहा है एचएसवीपी

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पंचकूला। हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पर प्रॉपर्टी खरीदारों एवं अलॉटियों को परेशान करने का आरोप लगाया है। एक प्रेसवार्ता में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा पूरे हरियाणा में व्यवसायिक और रिहायशी संपत्तियों की ऑनलाइन ऑक्शन की जाती है, जिसमें प्राधिकरण की ओर से ऑनलाइन बेस प्राइस दिखाया जाता है। इसके मुताबिक खरीदार ऑनलाइन ऑक्शन में संपत्ति खरीदने के लिए आवेदन करता है। संपत्ति खरीदने से पहले एक हजार रुपये बुकिंग के तौर पर जमा करवाने होते हैं। इसके बाद ही ऑक्शन में हिस्सा ले सकता है। खरीदार बेस प्राइस के मुताबिक संपत्ति खरीदने करके लिए ऑक्शन में बैठता है।
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सुरेश अग्रवाल ने बताया कि कुछ मामले सामने आए हैं, जिसमें प्राधिकरण से खरीदारों ने बेस प्राइज के मुताबिक ऑक्शन में संपत्तियां खरीदी और उनका 10 प्रतिशत पैसा भी प्राधिकरण को जमा करवा दिया, लेकिन प्राधिकरण द्वारा कुछ समय बाद खरीदारों को ईमेल भेज कहा कि जो संपत्ति आपने खरीदी है उसका रिजर्व प्राइस उससे काफी अधिक है। यदि आप उस रिजर्व प्राइज के मुताबिक संपत्ति खरीदना चाहते हैं तभी आपकी ऑक्शन सफल मानी जाएगी। अन्यथा इसे रद्द कर दिया जाएगा। सेक्टर-21 प्लॉट नंबर 2610, सेक्टर-28 प्लॉट नंबर 73पी, सेक्टर-28 प्लॉट नंबर 64, 128पी और 365 को खरीदारों द्वारा अलग-अलग बेस प्राइज से अधिक बोली देकर खरीदा गया था। इसका 10 प्रतिशत पैसा भी खरीदारों ने जमा करवा दिया। 15 से 20 दिन बाद एचएसवीपी की ओर से ईमेल के जरिए इन्हें कहा गया कि इन बूथों का रिजर्व प्राइज आप द्वारा दी गई बोली से लगभग 18 से 20 लाख रुपये अधिक है। यदि आप जमा करवाएंगे तभी प्रॉपर्टी आपकी होगी।
एचसवीपी की नई पॉलिसी से लोग परेशान
सुरेश अग्रवाल ने कहा कि जब किसी भी व्यक्ति द्वारा संपत्ति को ऑक्शन में खरीद लिया गया तो उसके बाद रिजर्व प्राइस बताने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इससे खरीदार को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी तरह हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा कॉर्नर प्लॉट लेने वाले खरीदारों के लिए एक नई पॉलिसी लाकर परेशानी खड़ी कर दी गई है। इस पॉलिसी के तहत कॉर्नर प्लॉट के साथ जो जमीन खाली होती है उसे या तो कॉर्नर प्लॉट मालिक को खरीदना पड़ेगा अन्यथा मौके पर जमीन की फिजिकलिटी देखकर एचएसवीपी की ओर से उसे बेच दिया जाएगा। हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन ने प्राधिकरण की इस पॉलिसी का कड़ा विरोध किया है और कहा कि लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ कॉर्नर प्लॉट खरीदे हैं। इन कॉर्नर प्लॉट को खरीदने के लिए उनके द्वारा 10 प्रतिशत अधिक राशि भी दी गई है, लेकिन नई पॉलिसी आने के बाद उनके साथ अन्याय करने की कोशिश की जा रही है। इस पॉलिसी के तहत कॉर्नर प्लॉट मालिक को कलेक्ट्रेट पर घर के साथ लगती खाली जमीन खरीदनी पड़ेगी। अन्यथा एचएसवीपी की ओर से उसे किसी और को बेच दिया जाएगा।
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एक जैसी 10 संपत्तियों में बोली लगाने की हो इजाजत
हरियाणा स्टेट प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन पुष्पेंद्र बंसल, कार्यकारी अध्यक्ष सुनील तनेजा, चीफ एडवाइजर आरके अरोड़ा, आशु अरोड़ा, अमित वर्मा, संदीप मेहता, एसोसिएशन की युवा विंग के अध्यक्ष वरुण स्वामी, उपप्रधान चिराग अग्रवाल, अक्षय भाटिया, तुषार मकोल, रितेश भाटिया ने बताया कि ऑक्शन में किसी भी खरीदार को एक जैसी 10 संपत्तियों में बोली लगाने की इजाजत होनी चाहिए, लेकिन एचएसवीपी द्वारा केवल एक ही खरीदार को एक प्रॉपर बोली लगाने की इजाजत नहीं दी जाती है, जोकि गलत है। एमडीसी सेक्टर-4 में 14 मरले की लाइन में ट्यूवबेल साइट पर 10-10 मरले के दो प्लॉट काट दिए गए, जोकि पूरी तरह गलत है।
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