रायपुररानी में प्रतिबंधित जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का मामला, करोड़ों के लेनदेन और अन्य आरोपियों की भूमिका खंगालेगी एसीबी
एसीबी ने दिल्ली से की डीआरओ जोगिंदर शर्मा की गिरफ्तारी, 50 एकड़ प्रतिबंधित जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। रायपुररानी में पर्ल्स ग्रुप की प्रतिबंधित जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री मामले में हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एचएसवीपी के जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) जोगिंदर शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
सूत्रों के अनुसार एसीबी को सूचना मिली थी कि जोगिंदर शर्मा दिल्ली में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार देर रात सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। अब रिमांड के दौरान एसीबी कथित जमीन सौदे में हुए वित्तीय लेनदेन, रिश्वत के आरोपों और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच करेगी।
तहसीलदार की पूछताछ में सामने आया था नाम
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके रायपुररानी के तत्कालीन तहसीलदार विक्रम सिंगला ने पूछताछ के दौरान जोगिंदर शर्मा का नाम लिया था। इसके बाद वह जांच में शामिल तो हुआ, लेकिन बाद में फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसे राहत नहीं मिली।
50 एकड़ प्रतिबंधित जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का आरोप
एसीबी की जांच के अनुसार पीजीएफ और पीएसीएल (पर्ल्स ग्रुप) से जुड़ी करीब 172 एकड़ जमीन रायपुररानी और शाहपुर क्षेत्र में विभिन्न लोगों के नाम दर्ज थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगी हुई थी। आरोप है कि इसके बावजूद अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से करीब 50 एकड़ प्रतिबंधित जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्रियां कर दी गईं। जांच एजेंसी का दावा है कि इस मामले में अभी भी कई आरोपियों की तलाश है।
रिमांड में इन बिंदुओं पर होगी पूछताछ
एसीबी रिमांड के दौरान जमीन सौदों में हुए करोड़ों रुपये के कथित लेनदेन, धनराशि के प्रवाह, बैंक खातों में हुए ट्रांजैक्शन और पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी। साथ ही फरार आरोपियों और संभावित लाभार्थियों के संबंध में भी पूछताछ की जाएगी।