मोरनी। करोड़ों की लागत से बनी खाली पड़ी बिल्डिंग का सरकार को सदुपयोग करना चाहिए। वर्ष 2000 में बनाए छात्रावास का भवन बिना देखरेख के खंडहर बनता जा रहा है। करोड़ों के इस भवन का इस्तेमाल शिक्षा विभाग महिला कॉलेज के अलावा आईटीआई के रूप में कर सकता है। उक्त सुझाव पूर्व में चेयरमैन रहे एडवोकेट विजय बंसल ने राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र भेजकर दिए।
उनका कहना है कि क्षेत्र में किराए के भवनों में चल रहे आधा दर्जन से अधिक सरकारी कार्यालयों को एक छत के नीचे शिफ्ट किया जाना चाहिए। इससे इलाके के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा व भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकेगी। क्षेत्र के डीएड संस्थान में पूरे प्रदेश से पढ़ने के लिए आने वाली छात्राओं के लिए छात्रावास का निर्माण करवाया गया था, लेकिन इस संस्थान में आज तक सुरक्षा कारणों से किसी भी छात्रा ने ठहराव नहीं किया है। हालांकि अस्थायी तौर पर इसके कुछ कमरों में इलाके के बच्चों को कंप्यूटर की बेसिक शिक्षा देने के लिए सेंटर चलाया जा रहा है।