पंचकूला। सेक्टर-7, 11 और 17 की रेहड़ी मार्केट के करीब 278 दुकानदारों को चार साल बाद पक्की दुकानों की उम्मीद जगी है। चंडीगढ़ में पंचकूला के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान इन बाजारों को पालिका बाजार चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे टीन शेड और अस्थायी चेंबर में चल रहा कारोबार पक्के व्यावसायिक परिसर में बदलने की राह खुली है।
प्रस्ताव के अनुसार मौजूदा बाजार की जगह बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल वाला परिसर बनाया जाएगा। जमीन पर कारोबार कर रहे दुकानदारों को भूतल पर दुकानें देने की योजना है। कुछ दुकानदारों ने बेसमेंट और भूतल पर भी मौजूदा कारोबारियों को प्राथमिकता देने की मांग की है, ताकि वर्षों से चल रहे कारोबार पर असर न पड़े।
आग की घटनाओं के बाद भी इंतजार
सितंबर 2022 में सेक्टर-9 की रेहड़ी मार्केट में आग के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रेहड़ी मार्केट के दुकानदारों को रियायती दरों पर पक्के बूथ देने की घोषणा की थी। सेक्टर-9 के 132 प्रभावित दुकानदारों को बूथ मिल चुके हैं, जबकि सेक्टर-7, 11 और 17 के दुकानदार अब तक प्रतीक्षा में हैं। इस दौरान सेक्टर-11 में तीन और सेक्टर-7 में दो बार आग लग चुकी है।
एचएसवीपी की जमीन पर कारोबार
तीनों बाजारों के दुकानदार वर्षों से एचएसवीपी की जमीन पर अस्थायी ढांचों में कारोबार कर रहे हैं और मासिक शुल्क जमा करते हैं। प्रस्ताव में रियायती दरों पर बूथ देने के साथ निर्धारित कीमत पर 20 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान बताया गया है।
सेक्टर-11 में करीब 125, सेक्टर-7 में 85 और सेक्टर-17 में 68 दुकानदार हैं। दुकानदारों का कहना है कि पक्के परिसर से कारोबार सुरक्षित होगा और ग्राहकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। उनकी मांग है कि आवंटन में पात्रता और पुराने कारोबार को प्राथमिकता दी जाए।