चंडीगढ़। नौकरियों में चल रही धांधली को लेकर कांग्रेस के धरने में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के शामिल नहीं होने के बाद एक बार फिर बढ़ी कांग्रेस की गुटबाजी के बीच अब विधानसभा सत्र को लेकर कांग्रेस एकजुटता का संदेश देने की कोशिश में है। कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा और सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच विधानसभा में उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर बात हो चुकी है। सदन के अंदर विधायक और सदन के बाहर कार्यकर्ता और नेता सरकार को घेरेंगे।
बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में खुद रणदीप सुरजेवाला ने इसकी पुुष्टि करते हुए कहा कि कुमारी सैलजा और पूर्व सीएम की बात हो चुकी है। बातचीत के आधार पर ही काम रोको का प्रस्ताव दिया गया है। गुटबाजी के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। सभी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। वहीं, कुमारी सैलजा ने कहा कि नौकरियों के मामलों समेत पार्टी का एक स्टैंड है। विधायक सदन के अंदर मामले उठाएंगे और अन्य बाहर सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेंगे।
बता दें कि पिछले दिनों नौकरियों के मामले को लेकर हुड्डा समर्थक यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा ने एचपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और सांसद दीपेंद्र हु्ड्डा इसमें शामिल हुए थे। इसके बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा के नेतृत्व में अलग से प्रदर्शन हुआ था। इसमें पूर्व सीएम हुड्डा शामिल नहीं हुए थे।