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Panchkula News: पांच साल बाद फिर बसेंगे 242 गरीब परिवारों के आशियाने

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पंचकूला। पिंजौर डीएलएफ में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आशियाने का इंतजार अब खत्म होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से अधर में लटके 242 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का काम एक बार फिर शुरू हो गया है। लंबे समय से रखरखाव के अभाव में खंडहर में तब्दील हो रहे इन फ्लैटों को हाउसिंग बोर्ड अब दोबारा तैयार करवा रहा है। प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के बाद काम शुरू किया गया है। करीब छह माह में फ्लैटों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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खास बात यह है कि इन फ्लैटों की योजना आज से नहीं, बल्कि वर्ष 2021 से चली आ रही है। उस समय हाउसिंग बोर्ड हरियाणा ने पिंजौर-कालका में बीपीएल और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 242 फ्लैटों की योजना शुरू की थी। बोर्ड के मूल ब्रोशर के अनुसार, एक फ्लैट की अनुमानित कीमत 6.92 लाख रुपये रखी गई थी और कवर्ड एरिया 300 वर्गफीट था। योजना के तहत फ्लैटों को 31 दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

पिंजौर-कालका के सेक्टर-3, 4 और 4ए में बने 242 फ्लैटों के लिए बीपीएल और ईडब्ल्यूएस परिवारों से आवेदन मांगे गए थे। आवेदकों की सालाना आय तीन लाख रुपये तक निर्धारित की गई थी और आवेदन के समय फ्लैट की अनुमानित कीमत का 10 प्रतिशत जमा करना था।
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योजना के मुताबिक 2022 में फ्लैट तैयार होकर परिवारों को मिल जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। समय बीतता गया और अधूरे अथवा खाली पड़े फ्लैटों की स्थिति खराब होती चली गई। अब इनका बैलेंस काम पूरा कराने की प्रक्रिया शुरू हुई है। हाउसिंग बोर्ड के लिए यह केवल निर्माण पूरा करने का काम नहीं, बल्कि वर्षों से अटकी आवास योजना को दोबारा जमीन पर उतारने की कवायद है।

सरकारी ई-टेंडर रिकॉर्ड में भी सेक्टर-3, 4 और 4ए डीएलएफ पिंजौर-कालका अर्बन कॉम्प्लेक्स में 242 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के बैलेंस निर्माण कार्य के लिए टेंडर दर्ज है। इससे साफ है कि लंबे अंतराल के बाद परियोजना को पूरा करने की दिशा में औपचारिक कदम उठाया गया।

डीएलएफ की जमीन पर कमजोर वर्ग के लिए बना आवास

पिंजौर डीएलएफ में कमजोर वर्ग के लोगों के लिए आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था के तहत डीएलएफ की ओर से हाउसिंग बोर्ड को 20 फीसदी भूखंड दिया गया था। इसी व्यवस्था के तहत यहां हाउसिंग बोर्ड ने बड़ी संख्या में फ्लैट तैयार कराए। कुल करीब 700 फ्लैटों में से 450 फ्लैट पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं। अब शेष 242 फ्लैटों को दोबारा तैयार कर जरूरतमंद परिवारों को देने की तैयारी है।

82 आवेदन आए, बाकी के लिए पोर्टल पर मौका

हाउसिंग बोर्ड के अनुसार, 242 फ्लैटों के लिए अब तक करीब 82 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। शेष फ्लैटों के लिए पात्र लोगों को एचएसवीपी के पोर्टल के माध्यम से आवेदन का अवसर दिया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्रता के आधार पर फ्लैट आवंटित किए जाएंगे। यदि इसके बाद भी कुछ फ्लैट बचते हैं तो उन्हें नीलामी के माध्यम से आवंटित किया जाएगा।

6.92 लाख से बढ़कर करीब आठ लाख तक पहुंची कीमत

वर्ष 2021 में योजना जारी करते समय एक फ्लैट की अनुमानित कीमत 6.92 लाख रुपये रखी गई थी। उस समय 300 वर्गफीट कवर्ड एरिया वाले फ्लैट के लिए पात्र परिवारों से आवेदन मांगे गए थे। अब निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने के साथ लागत बढ़ने के कारण एक फ्लैट की कीमत करीब आठ लाख रुपये तक रहने की संभावना है।

दो कमरे, रसोई और बरामदे की थी व्यवस्था

हाउसिंग बोर्ड के मूल ब्रोशर के अनुसार ईडब्ल्यूएस फ्लैट में दो कमरे, रसोई, शौचालय और भूतल पर आगे-पीछे बरामदे की व्यवस्था प्रस्तावित थी। प्रथम और द्वितीय तल पर आगे-पीछे बालकनी का प्रावधान था। सीढ़ी और छत को सभी आवंटियों के लिए साझा रखा गया था।

अब छह माह में पूरा करने का दावा

हाउसिंग बोर्ड ने अब फ्लैटों का काम दोबारा शुरू कर दिया है। विभाग का लक्ष्य करीब छह माह में निर्माण कार्य पूरा करने का है। इसके बाद पात्र ईडब्ल्यूएस और बीपीएल परिवारों को फ्लैट आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। पांच साल पहले जिस योजना में गरीब परिवारों को सस्ते घर का सपना दिखाया गया था, वह अब दोबारा निर्माण के दौर में पहुंची है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती तय समय में काम पूरा कर फ्लैटों को खंडहर से आशियाने में बदलने की होगी।

कोट

सेक्टर-3, 4 और 4ए डीएलएफ पिंजौर-कालका अर्बन कॉम्प्लेक्स में 242 फ्लैटों को तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में करीब छह माह का समय लगेगा। इसके बाद ड्रॉ की प्रक्रिया शुरू होगी। अतुल, एक्सईएन पंचकूला।
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