हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग का काम शुरू कर दिया है। सूबे के करीब 20 हजार कर्मचारी इस काम में लगाए गए हैं। इस स्क्रीनिंग के माध्यम से पता लगाया जाएगा कि प्रदेश में पाजिटिव मामलों की संख्या कितनी है। अभी तक सरकार तब्लीगी जमात के लोगों से ही निपट रही थी। फिलहाल जिन लोगों की संक्रमण की संभावना थी, उनका ही टेस्ट किया जा रहा था। अब घर घर हो रही स्क्रीनिंग के बाद कोरोना के अधिक टेस्ट होंगे और संक्रमित व्यक्तियों का सही डाटा सामने आएगा। जिसके साथ ही इलाज की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विडियो कान्फ्रेंसिंग से इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने कंटेनमेंट जोन में जाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भी पीपीई किट आवश्यक कर दी है। जिससे पंजाब जैसी घटना की हरियाण में कोई पुनरावृत्ति न हो। मालूम हो कि पंजाब पुलिस के एक अधिकारी की कोरोना के कारण मौत हो गई है। विज ने बताया कि सफाई कर्मचारी हो स्वास्थ्य कर्मी या फिर पुलिस कर्मी कंटेनमेंट जोन में जाने वाले सभी कर्मचारियों का टेस्ट भी करवाया जाएगा। शराब तस्करी पर पूछे सवाल पर उन्होंने बताया कि अब तक 80 हजार शराब की बोतलें पकड़ीं जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट मौजूद हैं। करीब 26 हजार पीपीई किट हमने जिलों में मुहैया करवाई हैं। जबकि इतनी ही संख्या में किट हमारे पास वेयरहाउस में मौजूद हैं। हरियाणा मेडिकल कार्पोरेशन लिमिटेड को किट तथा अन्य उपकरणों की खरीद की जिम्मेदारी दी है। पुलिस और शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने भी अपनी डिमांड कार्पोरेशन को बता दी है। जिसके माध्यम से किटों की प्रतिपूर्ति लगातार होती रहेगी। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि हरियाणा में कहीं पीपीई किट की कमी है।
विज ने बताया कि उनकी गुजारिश के बाद निजी डाक्टरों ने भी बड़ी संख्या में अपने क्लीनिक और अस्पताल खोले हैं। जिसके बाद सरकार को भी काफी राहत मिली है। आईएमए ने भी इन अस्पतालों के लिए गाइडलाइन जारी की हैं। जिसके मुताबिक फोन पर ठीक होने वाले मरीजों को फोन पर दवा बताई जा रही है। जिन्हें चेक करने की जरूरत है। उन मरीजों का चेकअप भी किया जा रहा है।
हमने 80 हजार शराब की बोतलें पकड़ी हैं। पुलिस विभाग ने इन बोतलों को जब्त किया है। यह शराब अवैध तरीके से सप्लाई की जा रही थी। हमने पुलिस को कहा है कि और भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाए। जहां पर शराब की तस्करी की सूचना मिल रही है।
- अनिल विज, गृहमंत्री हरियाणा