लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बाद भी सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की संख्या में कमी नहीं आई है। इंडस्ट्रियल एरिया और आसपास के कुछ इलाकों में शाम होते ही पशु झुंड के रूप में सड़क पर घूमते हुए दिखाई पड़ जाएंगे।
अभियान की शुरुआत होने के बाद पिछले छह दिनों में करीब सौ पशुओं को पकड़कर मनसा देवी मंदिर के पास बने गोशाला में भेज दिया गया है। निगम की ओर से पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान को अगर तेज नहीं किया गया तो वाहन चालकों के लिए परेशानियां बनी रहेंगी। साथ ही नगर निगम के सामने चुनौती है कि अगले 10 दिन में 500 लावारिस पशु कैसे पकड़े जाएंगे।
पंचकूला में पिछले कई महीनों से गोशाला नहीं होने की वजह से पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान शुरू नहीं किया गया था। गोशाला के तैयार होने के बाद अभियान को चलाए जाने का दावा किया गया, लेकिन अभी भी सड़कों पर घूम रहे पशुओं से वाहन चालकों को दिक्कतें पेश आती है।
निगम अधिकारियों का दावा है कि 20 अक्तूबर तक पंचकूला को लावारिस पशुओं से मुक्त कर दिया जाएगा, लेकिन कैमरे में कैद फोटोग्राफ निगम के इस दावे की सच्चाई सामने ला रहे हैं।
सेक्टरों के अलावा आसपास के कालोनियों में 600 से अधिक लावारिस पशु हैं, जबकि बल्टाना, हरमिलाप नगर, रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाकों के अलावा पंजाब और यूटी के इलाकों से भी पशुओं को पंचकूला में भेज दिया जाता है।