पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नाभा जेल ब्रेक केस में नीटा देओल, बिकर सिंह, जगमीत सिंह, जगतबीर जगता, कुलविंदर सिंह ढिमरी, भीम सिंह, मनवीर सिंह मनी, हरजोत सिंह और सुलखन सिंह बब्बर की सजा निलंबित कर दी है।
पटियाला की अदालत ने जेल ब्रेक की साजिश रचने व ड्यूटी में लापरवाही बरतने के दोष में जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट सिक्योरिटी रहे भीम सिंह व हेड वार्डर जगमीत सिंह को 10 साल की कैद के अलावा 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अतिरिक्त गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों, अमनदीप सिंह उर्फ धोतिया, सुलखन सिंह उर्फ बब्बर, मनवीर सिंह उर्फ मनी सेखों, कुलप्रीत सिंह उर्फ नीटा दियोल, गुरप्रीत सिंह खौरा, बिकर सिंह, मलविंदर सिंह उर्फ पिंदा, जगतबीर सिंह उर्फ जगता, गुरजीत सिंह, हरजोत सिंह उर्फ जोत, कुलविंदर सिंह उर्फ दिवरी, राजविंदर सिंह उर्फ राजू सुल्तान, रविंदर सिंह उर्फ ग्याना, सुखचैन सिंह उर्फ सुखी, मनजिंदर सिंह, अमन कुमार व किरण पाल सिंह उर्फ किरणा को साजिश रचने, डकैती, हत्या की कोशिश, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में 10-10 साल कैद की सजा व 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी।
देशभर में चर्चित हुआ था नाभा जेल ब्रेक
27 नवंबर, 2016 को हुआ यह जेल ब्रेक पूरे देश में चर्चा में रहा था। पुलिस की वर्दी में तीन गाड़ियों में हथियारों से लैस होकर आए करीब 15 अपराधियों ने जेल पर हमला कर दो आतंकियों व चार गैंगस्टरों को छुड़ा लिया था। इन्होंने जेल में एक कैदी को लाने का दिखावा किया, जिस पर मेन गेट पर तैनात गार्ड ने इन्हें अंदर जाने दिया। अंदर घुसते ही अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद वह बैरकों में घुस गए जहां खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू, आतंकी कश्मीर सिंह और चार अन्य गैंगस्टर हरजिंदर सिंह भुल्लर उर्फ विक्की गौंडर, गुरप्रीत सिंह सेखों, कुलप्रीत सिंह उर्फ नीटा दियोल और अमनदीप सिंह इनका इंतजार कर रहे थे। आरोपियों ने एक जेल गार्ड से उसकी एसएलआर गन भी छीन ली और छह कैदियों को लेकर फरार हो गए थे। आतंकी मिंटू की अप्रैल 2018 में जेल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। आतंकी कश्मीर सिंह अभी तक फरार है। विक्की गौंडर जनवरी 2018 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। गुरप्रीत सिंह सेखों, कुलप्रीत सिंह उर्फ नीटा देयोल और अमनदीप सिंह को पुलिस ने दोबारा पकड़ लिया था।