चंडीगढ़। पंजाब में कानून-व्यवस्था और पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। 16 साल पुराने एक आपराधिक मामले में निष्पक्ष जांच न होने पर अदालत ने इसे बेहद चिंताजनक स्थिति करार दिया है।
हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस महानिदेशक को मामले की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कर दो सप्ताह में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामला लुधियाना निवासी सुमीत सोफत की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2010 में दर्ज एफआईआर में पुलिस ने अब तक निष्पक्ष जांच नहीं की और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
जस्टिस विकास अग्रवाल की पीठ ने घटनाक्रम को गंभीरता से लिया और कहा कि रिकाॅर्ड से जो स्थिति सामने आई है, वह न्यायिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय है। 24 जून 2010 को लुधियाना के पुलिस डिवीजन नंबर-5 में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें लूट, अपहरण और हत्या के प्रयास जैसी धाराएं शामिल हैं। ब्यूरो