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Panchkula News: टीईटी पास न करने वाले शिक्षकों की पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक

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याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए मांगा जवाब
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नियमों के अनुसार बिना टीईटी पास किए शिक्षक की पदोन्नति नहीं हो सकती
अमर उजाला ब्यूारे
चंडीगढ़। शिक्षक भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास किए बिना मास्टर पद पर की गई पदोन्नतियों पर अंतरिम रोक लगा दी है।
होशियार सिंह और अन्य ने वरिष्ठ अधिवक्ता विकास चतरथ के माध्यम से अदालत को बताया कि पंजाब सरकार ने 14 सितंबर 2017 को जारी एक सर्कुलर के आधार पर 12 नवंबर और 24 दिसंबर 2025 को शिक्षकों को मास्टर पद पर पदोन्नत कर दिया। इसके लिए टीईटी पास करना अनिवार्य था लेकिन पदोन्न होने वाले शिक्षकों ने यह उत्तीर्ण नहीं की थी। यह न केवल राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता मानकों के विपरीत है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले की भी अवहेलना है।
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याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 को दिए गए ऐतिहासिक निर्णय अंजुमान बनाम महाराष्ट्र राज्य का हवाला दिया गया जिसमें साफ कहा गया है कि बिना टीईटी क्वालीफाई किए किसी भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं की जा सकती। आदेश में यह सिद्धांत स्थापित किया गया है कि टीईटी केवल नियुक्ति ही नहीं बल्कि पदोन्नति के लिए भी अनिवार्य योग्यता है।
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याचिका में 14 सितंबर 2017 को जारी उस सर्कुलर को रद्द करने की मांग की है, जिसके जरिये राज्य ने कुछ श्रेणियों को टीईटी पास करने से छूट दे दी थी और उसी आधार पर नवंबर दिसंबर 2025 में सैकड़ों पदोन्नति कर दी गईं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे सभी वैधानिक रूप से योग्य हैं, उन्होंने पीएसटीईटी पेपर पास किया हुआ है और मास्टर/मिस्ट्रेस बनने के लिए आवश्यक बीएड व अन्य शैक्षणिक योग्यताएं भी रखते हैं। इसके बावजूद उन्हें नजरअंदाज कर उन शिक्षकों को पदोन्नति दे दी गई जिन्होंने आज तक टीईटी या पीएसटीईटी पास ही नहीं किया। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के तर्कों को स्वीकार करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया।
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