चंडीगढ़। मौड़ मंडी धमाके के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दाखिल याचिका में एसआईटी ने सीलबंद रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट को देखकर हाईकोर्ट ने जांच को लेकर संतुष्टि जताते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है। गुरजीत सिंह पातड़ां ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए मौड़ मंडी धमाके के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने की बात कहते हुए उचित निर्देश जारी करने की अपील की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी के कार्रवाई न करने पर हाईकोर्ट ने 2019 में सरकार को नए सिरे से एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। सितंबर 2020 में हाईकोर्ट ने एसआईटी को दो सप्ताह में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी ने हाईकोर्ट के आदेशानुसार सही जांच नहीं की। याची ने कहा कि धमाके में डेरा सच्चा सौदा का हाथ है और जेल में मौजूद डेरा प्रमुख राम रहीम से पूछताछ की जानी चाहिए। इस मामले में पिछली सुनवाई पर पंजाब सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट दायर कर हाईकोर्ट को बताया था कि इस मामले के तीनों आरोपी अभी तक भगोड़े हैं, उनकी प्रॉपर्टी अटैच कर दी गई है। इनमें से एक की प्रापर्टी की नीलामी की गई थी, लेकिन कोई भी बोली लगाने के लिए आगे नहीं आया। अब तीनों की संपत्ति की नीलामी की जाएगी।
बठिंडा के एसएसपी दीपक पारिक की ओर से हाईकोर्ट में दायर रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापे मारे जा रहे हैं। अब मंगलवार को हाईकोर्ट में एसआईटी ने सीलबंद रिपोर्ट पेश कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि हम जांच से संतुष्ट हैं और हमें उम्मीद है कि यह जल्द पूरी हो जाएगी। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याची को छूट दी है कि यदि भविष्य में इस मामले में जांच लटकती है तो वह फिर से याचिका दाखिल कर सकता है।