चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित अनाज घोटाले में ठेकेदार तेलू राम को बड़ी राहत दी है। अदालत ने धनशोधन निवारण कानून के तहत उसके खिलाफ जारी समन आदेश रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को मामले पर कानून के मुताबिक नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि शिकायत पर संज्ञान लेते समय उसे अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने इस पर आपत्ति जताई। अदालत ने कहा कि 19 अक्तूबर 2024 को पारित आदेश कानून की निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था इसलिए, उस आदेश और उससे जुड़ी सभी बाद की कार्रवाइयां रद्द कर दी गईं।
हालांकि, हाईकोर्ट ने अनाज घोटाले से जुड़े आरोपों को पूरी तरह खत्म नहीं किया है। निचली अदालत को अब निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मामले पर दोबारा विचार करना होगा।
घोटाले का विवरण :
पंजाब में खाद्यान्न की ढुलाई और ठेकों में कथित अनियमितताओं का मामला अगस्त 2022 में सामने आया था। राज्य सतर्कता ब्यूरो की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। आरोप था कि वर्ष 2020-21 में ठेकों के आवंटन में पक्षपात और भ्रष्टाचार हुआ। जांच में फर्जी पंजीकरण नंबर वाले वाहनों का उपयोग किए जाने का आरोप भी सामने आया। जिला स्तर की निविदा समितियों ने इन गड़बड़ियों को नजरअंदाज किया।