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532 किलो हेरोइन की तस्करी के मामले में आरोपी को जमानत से हाईकोर्ट का इनकार

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चंडीगढ़। 532 किलो हेरोइन की तस्करी के लिए पैसे हवाला के जरिये पाकिस्तान पहुंचाने के आरोपी अमित गंभीर को जमानत से हाईकोर्ट ने साफ इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि यदि उसे जमानत दी गई तो वह राष्ट्रीय सुरक्षा अखंडता के लिए खतरा पैदा कर सकता है। याचिका दाखिल करते हुए अमित गंभीर ने बताया कि पाकिस्तान से एक ट्रक काला नमक लेकर अमृतसर के अटारी बार्डर से 26 जून 2019 को भारत में दाखिल हुआ था। इस ट्रक की जांच में सामने आया कि इसमें करीब 584.42 किलो सफेद पाउडर था।
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पाउडर की जांच में पता चला कि इसमें से 532 किलो हेरोइन है। इस मामले में पुलिस ने जांच में याची को नशे की तस्करी के लिए हवाला के जरिये पैसे पहुंचाने का आरोपी बना दिया। याची ने कहा कि वह पंजीकृत लेन-देन करने वाला है और मामूली राशि का ही लेन देन हुआ है। याची ने कहा कि उसका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। साथ ही याची ने कहा कि वह 3 जनवरी 2020 से जेल में है और ट्रायल लंबा चलेगा ऐसे में उसे जमानत दी जाए। एनआईए ने बताया कि इस मामले में उसके घर की तलाशी में काफी सबूत पाए गए हैं, जिनमें भारतीय व विदेशी नोट भी शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि अमित गंभीर के पर नारको आतंकवाद का हिस्सा होने का गंभीर आरोप है। इस प्रकार का व्यक्ति जो भारत की अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डालने के साथ-साथ इसके वित्तीय हितों को नुकसान पहुँचाता हो उससे सख्ती से निपटने की आवश्यकता है। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जेल से बाहर आने से देश की अखंडता व सुरक्षा खतरे में आती है तो ऐसे व्यक्ति की स्वतंत्रता छीनकर उसे सलाखों के पीछे रखा जा सकता है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याची की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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