प्रवेश शुल्क न जमा करवाने के चलते हरियाणा व पंजाब में पंजीकृत टैक्सियों के चंडीगढ़ में संचालन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार व यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिका दाखिल करते हुए उबर इंडिया टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने एडवोकेट रोहन मित्तल के माध्यम से हाईकोर्ट में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के आदेश को चुनौती दी है। हाईकोर्ट को बताया गया कि ऑन-डिमांड ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजीज एग्रीगेटर रूल्स 2017 के तहत कंपनियों पर प्रवेश शुल्क लगाया है।
याची ने बताया कि प्रवेश शुल्क के तौर पर प्रति वाहन प्रति तीन माह के लिए एक हजार रुपये तय किए गए हैं। इस प्रकार उबर को 2 करोड़ रुपये जमा करवाने का आदेश दिया गया है। आदेश के अनुसार राशि जमा नहीं करवाने की स्थिति में उबर का लाइसेंस 16 जून से रद्द माना जाएगा।
ऑन-डिमांड ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजीज एग्रीगेटर रूल्स को याची ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी नियमों का उल्लंघन करार दिया। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने प्रशासन के आदेश पर रोक लगाते हुए सभी प्रतिवादियों को जवाब दायर करने का आदेश दिया है।