11 फरवरी को डायरेक्टर कार्यालय पर हल्ला बोल, 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की डायरेक्टर सेकेंडरी के साथ 11 सूत्रीय मांगों को लेकर हुई बैठक कर्मचारियों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। बैठक में पदोन्नति, ट्रांसफर और वर्षों से लंबित समस्याओं पर चर्चा तो हुई, लेकिन समाधान को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं निकल पाया। इससे नाराज हेमसा ने 11 फरवरी को डायरेक्टर कार्यालय पर हल्ला बोल प्रदर्शन और 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने का ऐलान किया है।
हेमसा प्रधान संदीप सांगवान के नेतृत्व में हुई इस बैठक में शिक्षा विभाग फील्ड मिनिस्ट्रीयल स्टाफ से जुड़ी समस्याएं रखी गईं। संगठन ने बताया कि 11 सूत्रीय मांगपत्र में शामिल छह मांगें सरकार स्तर की हैं, जिनका निपटारा अब तक नहीं हो पाया है। बैठक में इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा के बावजूद समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
हेमसा नेता हितेंद्र सिहाग ने सहायक, उपाधीक्षक और अधीक्षक पदों पर पदोन्नति का मुद्दा जोरशोर से उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के फील्ड कार्यालयों में पदोन्नति के करीब 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। कर्मचारी वर्षों से पदोन्नति का इंतजार करते-करते बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो रहे हैं। संगठन ने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए कहा कि समय पर पदोन्नति न होना विभाग की गंभीर चूक है।
ऑनलाइन ट्रांसफर नीति पर नाराजगी
हेमसा ने आरोप लगाया कि नियमों को ताक पर रखकर जबरन थोपी गई ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव के कारण कई कर्मचारी घर से बेघर हो गए। साढ़े पांच साल बीत जाने के बावजूद इन मामलों में कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
आंदोलन का ऐलान
हेमसा ने निर्णय लिया है कि संगठन 15 जनवरी को जींद में होने वाली किसान, मजदूर और कर्मचारी पंचायत में भाग लेगा। इसके बाद 11 फरवरी को विभागीय मांगों को लेकर डायरेक्टर कार्यालय पर हल्ला बोल प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संघों, ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इम्प्लाइज फेडरेशन और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भी भाग लिया जाएगा। बैठक और निर्णय प्रक्रिया के दौरान स्वर्ण सिंह, राजेंद्र गर्ग, पारस कौशिक, संजीव निघदू और सुशील पलवल मौजूद रहे।