पंचकूला। कोरोना महामारी के कहर से कोई भी वर्ग अछूता नहीं है। महामारी ने परिवारों के परिवार को लील लिया है। ऐसे भी कई परिवार हैं जिनमें बच्चों का पालनकर्ता ही कोई नहीं बचा है। ऐसे में बेसहारा बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है। इसी खतरे को देखकर बाल कल्याण के क्षेत्र में पिछले कई दशकों से कार्य कर रही हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद बेसहारा बच्चों के जीवन में उजाले की नई किरण लेकर आई है।
परिषद के मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने कहा है कि किसी भी बच्चे के भविष्य में अंधेरा नहीं होने देंगे। महामारी ने जिन बच्चों के परिवार को लील लिया है, उनका पालन-पोषण परिषद करेगी। परिषद की यह घोषणा संकट के उस समय में आई है जब अपनों को खो चुके बच्चों के जीवन में अंधकार का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा चलाए जा रहे होम में बच्चों के पालन पोषण की पूरी व्यवस्था है।
परिषद द्वारा चलाए जा रहे होम बच्चों का एक परिवार है। जहां बच्चों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं। प्रवीण अत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद महासंकट के समय में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के हर बच्चे के साथ अभिभावक की तरह खड़ी है और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही परिषद का मुख्य उद्देश्य है।
चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 पर करें संपर्क
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने बताया कि जिन बच्चों के अभिभावक इस दुनिया में नहीं हैं। उनके जानकार बच्चों के पालन-पोषण के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर और नजदीकी जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बाल भवनों में संपर्क कर सूचना दे सकते हैं। सूचना उपरांत कानूनी कार्रवाई पूरी कर ऐसे बच्चों को परिषद सहारा प्रदान कर उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी का वहन करेगी।
बिना कानूनी प्रक्रिया के बेसहारा बच्चे को गोद देना या लेना गैरकानूनी
मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने बताया कि बेसहारा बच्चे को बिना कानूनी कार्रवाई पूरी किए गोद लेना या देना पूरी तरह गैरकानूनी है। बेसहारा बच्चे को गोद देना या लेना कानूनी प्रक्रिया के तहत आता है। जोकि केंद्र सरकार की एजेंसी केंद्रीय दत्तक ग्रहण एजेंसी कारा की देखरेख में होता है। बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और उसके लिए कारा की साइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही बच्चा गोद दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के अभिभावक कोविड-19 के चलते इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे बच्चों की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या नजदीकी बाल भवन में दी जा सकती है।