आईडीएफसी बैंक घोटाले के मामले में सीबीआई ने किया विरोध, अदालत ने मांगी अन्य याचिकाओं की रिपोर्ट
करोड़ों रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा मामला, सीबीआई ने पूछताछ के लिए जमानत का किया विरोध
हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं की रिपोर्ट तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। आईडीएफसी बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के चर्चित घोटाले के मामले में आईएएस अधिकारी प्रदीप डागर की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 2 जुलाई को सुनवाई होगी। अदालत ने दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद अगली तारीख निर्धारित की है। मामले पर प्रशासनिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
मामला कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और नियमों की अनदेखी कर बैंक को करोड़ों रुपये के वित्तीय नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। सीबीआई इस प्रकरण की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। आरोप है कि प्रदीप डागर ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पूरे घटनाक्रम में भूमिका निभाई। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।
सीबीआई ने जमानत का किया विरोध
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामला गंभीर है और इसमें बैंकिंग व प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों तक पहुंचने के लिए आरोपी से गहन पूछताछ आवश्यक है। इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए। सीबीआई बैंक रिकॉर्ड, लेनदेन के दस्तावेज और अन्य आरोपियों के बयानों की कड़ियां जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
अदालत ने मांगी रिपोर्ट
वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से मामले में फंसाया जा रहा है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 2 जुलाई की तारीख तय करते हुए निर्देश दिए हैं कि आरोपी या सह-आरोपियों की इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट अथवा सुप्रीम कोर्ट में कोई अन्य जमानत याचिका लंबित है या नहीं, इसकी रिपोर्ट पेश की जाए। सीबीआई अब अगली सुनवाई में जांच से जुड़े और साक्ष्य अदालत के समक्ष रखने की तैयारी कर रही है।