चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी स्कूलों में बच्चों का हेल्थ प्रोफाइल बनाया जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी का स्वास्थ्य विवरण स्कूलों के पास मौजूद होने से बच्चों की तंदरुस्ती के बारे में सही मूल्यांकन किया जा सकेगा। पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन डीपी रेड्डी ने इसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं। वहीं, उन्होंने मिड डे मील पकाते समय रसोइए और बच्चों को धुएं से छुटकारा दिलाने के लिए एग्जॉस्ट फैन दिलाने का सुझाव दिया। पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन डीपी रेड्डी ने वीरवार को यहां मगसीपा में स्कूल शिक्षा विभाग के साथ राज्य में मिड डे मील को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि समय-समय पर बच्चों की सेहत की जांच करना भी समय की जरूरत है। उन्होंने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को मुहैया करवाए जा रहे मिड डे मील में और अधिक पौष्टिक तत्वों को यकीनी बनाने पर जोर दिया। रेड्डी ने कहा कि खाना पकाने के लिए तैनात कुक (रसोइया) की तरफ से अपेक्षित साफ-सफाई को यकीनी बनाया जाए।
चेयरमैन ने विभाग के अधिकारियों को कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी ( सीएसआर) के अंतर्गत फंडों का प्रबंध करने के लिए भी कहा, जिससे आने वाले छह महीनों में राज्य भर के स्कूलों में विद्यार्थियों को पीने वाला साफ पानी मुहैया करवाने के लिए आरओ लगाया जाना सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा रेडी ने कहा कि आयोग की तरफ से मिड डे मील संबंधी बनाई गई लघु फिल्म विभाग के एजुसेट प्लेटफार्म पर अपलोड की जाए। उन्होंने इसको लेकर अन्य राज्यों द्वारा अपनाए गए बेहतरीन तरीकों को सीखने पर बल दिया।
इस मौके पर एके शर्मा, आईआरएस (सेवामुक्त), प्रीति चावला, इंद्रा गुप्ता, विजय दत्त, चेतन प्रकाश धालीवाल, पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य और अधिकारी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा विनय बुबलानी और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।