पंचकूला। तेल, चिकनाई युक्त भोजन का इस्तेमाल अधिक करने और बिगड़ी दिनचर्या के कारण सिविल अस्पताल में डायबिटीज, मोटापा और उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल में रोजाना करीब 150 डायबिटीज के मरीज आ रहे हैं। इनमें 12 मरीजों में स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। यह बीमारी बुजुर्गों के साथ युवाओं में भी बढ़ रही है। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. अश्विनी भटनागर ने बताया कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और मोटापे के कारण लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि सिर के विभिन्न हिस्सों में खून नहीं पहुंचने के कारण स्ट्रोक की समस्या हो रही है। शरीर में सही तरीके से सभी हिस्सों में ऑक्सीजन नहीं पहुंचने से भी स्ट्रोक की समस्या हो रही है। उन्होंने बताया कि जब दिमाग की नसों में रक्त प्रवाह रुक जाता है तब खून का थक्का जमने से ब्रेन स्ट्रोक की समस्या होती है।
यह हैं लक्षण, इस तरह करें बचाव
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के पीएमओ सुबीर सक्सेना ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण होने पर व्यक्ति को चक्कर आने के साथ उल्टी होती है। हाथ पैर सुन हो जाते हैं। जुबान लड़खड़ाने लगती है। इससे बचाव के लिए लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। प्रदूषित वातावरण से दूर रहें। तेल, चिकनाई का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। लोगों को हरी सब्जियों और फल का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए। आज के दौर में भागदौड़ का काम कम करते हैं, इस वजह से यह समस्याएं ज्यादा होती हैं। लोगों को जमकर पसीना बहाने के लिए घुमना और कसरत करना चाहिए। जिससे इस तरह की बीमारियों का खतरा कम हो।
ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
मुझे दो साल पहले डायबिटीज की शिकायत के बाद अब स्ट्रोक का खतरा बढ़ा है। डॉक्टरों की सलाह से इलाज चल रहा है। कई बार अधिक दिक्कत होने क बाद इलाज के लिए आना पड़ता है। इलाज के लिए होने वाले टेस्ट एक दिन में नहीं हो पाते हैं। इसलिए अस्पताल के चक्कर लगातार लगाने पड़ते हैं। आशीष कुुमार, मरीज
सभी जांच एक दिन में नहीं हो रही
तीन साल से ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की बीमारी की समस्या है। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर सहित अन्य जांच एक दिन में नहीं हो पा रही है। इसलिए इलाज के लिए टेस्ट के बाद दवाएं मिलती हैं। इसमें कई बार दवाएं बाहर से लानी पड़ती हैं। गंगा देवी
अस्पताल में बिगड़ती दिनचर्या के चलते ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट के मरीज बढ़े हैं। मरीजों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, जो भी खामियां मिली हैं, उसे भी जल्द ही अस्पताल प्रबंधन की तरफ से पूरा किया जाएगा। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल, सेक्टर-6