पंचकूला। प्रदेश की 60 वर्षों की विकास यात्रा बात की गवाही देती है कि हरियाणा ने संपन्नता और खुशहाली तक का लंबा सफर तय किया है। हरियाणा समृद्धि की एक नई परिभाषा लिख रहा है। प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। हमारा लक्ष्य है कि शहर, गांव में अमीर-गरीब हर किसी को विकास का लाभ मिले। मुख्यमंत्री सोमवार को यवनिका गार्डन में 60वें हरियाणा दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव एवं प्रदर्शनी के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तीन दिनों तक चले इस उत्सव में अपने राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और विकास यात्रा को न केवल देखा बल्कि महसूस भी किया। कलाकारों ने लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से हरियाणा की जीवंत परंपराओं को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विजेता कलाकारों को सम्मानित किया।
उत्सवों का नवंबर माह
उन्होंने कहा कि इस बार का नवंबर उत्सवों का माह बन गया है। पिछले तीन दिन पूरे प्रदेश में हरियाणा दिवस की धूम रही है। दो दिन बाद ही 5 नवंबर को प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व है। इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव भी 15 नवंबर से शुरू हो रहा है और 5 दिसंबर तक चलेगा। 21 दिन तक चलने वाले इस उत्सव में संस्कृति, ज्ञान और आध्यात्मिकता का अलग ही संगम देखने को मिलेगा।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता कलाकारों को किया सम्मानित
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता कलाकारों को सम्मानित किया। श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी दुधौला पलवल की शुकनवती को प्रथम, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद की अर्चना को द्वितीय और सनातन धर्म कॉलेज अंबाला कैंट के साहिल को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर क्रमश: 1 लाख, 75 हजार रुपये और 50 हजार रुपये की राशि से सम्मानित किया गया।
हरियाणा की स्थापना मेहनतकश जनता के साहस का प्रतीक
समारोह के समापन के बाद स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा की स्थापना मेहनतकश जनता के साहस और संस्कृति का प्रतीक है। बीते छह दशकों में हरियाणा ने हर क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं। चाहे वह कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल या सेना में नौजवानों की बात हो। महिला एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सुविधा, पारदर्शिता और सेवा भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।