पंचकूला। शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष व हरियाणा सरकार में चेयरमैन रह चुके एडवोकेट विजय बंसल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से अन्य प्रदेशों की तरह हरियाणा के चमगादड़ों की भी कोरोना वायरस की जांच करवाई जाए।
भारतीय वैज्ञानिकों के अध्ययन में इसकी पुष्टि हुई है कि चमगादड़ भी कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं। सभी के सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे जाएं। प्रदेश में भी चमगादड़ों की संख्या काफी है, जिसमें शिवालिक व अरावली के पहाड़ी क्षेत्र प्रमुख हैं। विशेषकर जिला पंचकूला, यमुनानगर में चमगादड़ काफी हैं। क्योंकि यहां बीड़ शिकार गाह, खोल ही रायतन वाइल्डलाइफ सेंचरी व खोल ही फतेह सिंह वाइल्डलाइफ सेंचरी है। जिला यमुनानगर में छछरौली, कलेसर समेत इलाको में पहाड़ी इलाके हैं। जिले में पिंजौर गार्डन भी है जहां पर चमगादड़ों की संख्या काफी है।
10 राज्यों के 586 सैंपल में से 25 मिले संक्रमित..
विजय बंसल ने बताया कि पिछले दिनों देश के 10 राज्यों में से हिमाचल समेत केरल, तमिलनाडु, पुंडुचेरी और कर्नाटक समेत कुल 5 राज्यों के चमगादड़ों में वायरस मिला है, जिसमें चमगादड़ों की दो प्रजातियों पर अध्ययन के बाद भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने एनआईवी की रिपोर्ट का अध्ययन कर यह खुलासा किया है। इस परीक्षण में दोनों प्रजाति के चंडीगढ़, हिमाचल, केरल, तमिलनाडु, पुंडुचेरी, कर्नाटक, पंजाब, गुजरात, ओडिशा, तेलंगना समेत कुल 10 राज्यो से चमगादड़ों के 586 सैंपल में से 25 चमगादड़ संक्रमित मिले हैं। हालांकि वह नोवल कोरोना वायरस नहीं है।
केरल में निपाह वायरस भी चमगादड़ों से ही फैला था..
विजय बंसल ने बताया कि वैज्ञानिकों के अनुसार कुछ समय पहले केरल में निपाह वायरस भी चमगादड़ों से ही आया था। इस संदर्भ में वैज्ञानिक डॉ. आर बाला सुब्रमण्यम का भी कहना है कि केरल के चमगादड़ों में अध्ययन शामिल किया गया था। पुणे में टेस्टिंग के बाद कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है।