पड़ोसी राज्य पंजाब में कपास की फसल में पिंक वार्म आने के चलते हरियाणा सरकार भी सतर्क हो गई है। कपास की फसल को इस बीमारी से बचाने के लिए अभियान चलाने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव संजीव कौशल ने इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश में जौ की अनुबंध खेती को बढ़ावा देने को कहा गया है।
मुख्य सचिव यहां राज्य खाद्य सुरक्षा मिशन कार्यकारी कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने हैफेड के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बासमती चावल का निर्यात बढ़ाने के लिए सीधे कंपनियों से अनुबंध खेती करवाने के प्रयास करें। कृषि विभाग के महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2021-22 के दौरान केंद्र सरकार ने इस मिशन के लिए 4013.86 लाख रुपये की कार्य योजना स्वीकृत की थी।
इसके अंतर्गत किसानों को प्रमाणित बीज, कलस्टर प्रदर्शन खेत, माइक्रोन्यूट्रेंट, कृषि मशीनरी, समेकित कीट प्रबंधन और फसल एवं मृद्धा सुरक्षा प्रबंधन के लिए सब्सिडी दी जाती है। राज्य सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत बाजरे को ‘न्यूट्री-सेरिअल’ के रूप में प्रचारित करेगी।
बैठक में बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास, कृषि विभाग की एसीएस डॉ. सुमिता मिश्रा, हरियाणा भूमि सुधार विकास निगम के प्रबंध निदेशक वजीर सिंह गोयत, हैफेड के प्रबंध निदेशक ए श्रीनिवास उपस्थित रहे।