चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के एमएसएमई क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान मिला है। वीरवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा को यह अवार्ड दिया। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रधान सचिव विजयेंद्र कुमार ने इसे ग्रहण किया। एमएसएमई के क्षेत्र में हरियाणा देश के टॉप-3 राज्यों में शामिल है। इस अवसर पर हरियाणा की औद्योगिक नीतियों की काफी तारीफ हुई।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के दो एमएसएमई को भी अवार्ड मिले। इनमें डॉ. हरजिंद्र कौर तलवार को महिला श्रेणी के स्माल सर्विस इंटरप्राइज में प्रथम और रिषभ गुप्ता को मैन्यूफैक्चरिंग माइक्रो इंटरप्राइज की ओवरऑल श्रेणी में तीसरे स्थान का अवार्ड मिला है।
डिप्टी सीएम ने अवार्ड लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के विकास को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार के प्रयासों को मान्यता मिली है। बड़े उद्योगों के साथ-साथ हरियाणा छोटे एवं लघु उद्योगों के मामले में भी टॉप परफॉर्मिंग स्टेट्स में बना हुआ है। इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के सभी उद्यमी बधाई के पात्र हैं। सरकार का हमेशा से संकल्प रहा है कि प्रदेश में नए उद्योग लगें, उनका विकास हो और युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिले।
राज्य के आर्थिक विकास में एमएसएमई का विशेष योगदान
हरियाणा ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से आर्थिक विकास किया है और इसमें एमएसएमई का विशेष योगदान रहा है। प्रदेश में लगभग 9.7 लाख एमएसएमई हैं जो बढ़ती अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। राज्य सरकार ने एमएसएमई के लिए कई नई योजनाएं और पहल शुरू की हैं। हरियाणा अपनी तरह की पहली ‘राज्य मिनी क्लस्टर योजना’ भी लेकर आया है। अब तक 140 करोड़ रुपये की लागत के 9 क्लस्टरों को मंजूरी दी गई है। इसमें भारत सरकार ने 58 करोड़ रुपये की सहायता दी है। राज्य सरकार के व्यापक क्लस्टर विकास प्रयासों से हरियाणा में 8,000 से अधिक एमएसएमई लाभान्वित हुए हैं।