चंडीगढ़। अधिक से अधिक विदेशी औद्योगिक निवेश हरियाणा में लाने के प्रयास के क्रम में अब जापानी कंपनियों पर भी प्रदेश सरकार की निगाहें टिकीं हैं। इसी कड़ी में बुधवार को हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल ने जापान में भारतीय दूतावास को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रजेंटेशन दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जापान के उद्योगों को स्थापित करने के लिए प्रदेश का माहौल अनुकूल है।
इज ऑफ डूइंग बिजऩेस के मामले में हरियाणा उतर भारत में पहले तथा भारत में तीसरे स्थान पर है। उद्योगों को विकसित करने के लिए निगम की ओर से 34 इंडस्ट्रियल इस्टेट तैयार किए गए हैं। इनमें अलग-अलग प्रकार के 1100 से अधिक प्लॉट आईएमटी फरीदाबाद, बावल, मानकपरु, आईई पानीपत, उद्योग विहार गुरुग्राम में उपलब्ध हैं। इसके अलावा आईएमटी सोहना में 1500 एकड़ तथा खरखौदा में 3000 एकड़ भूमि को उद्योग लगाने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 7 स्पेशल इकोनोमिक जोन हैं। अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा देश में कैपिटल गुड्स ऑफ मैन्युफैक्चर के क्षेत्र में अग्रणी क्षमता रखता है। इसके लिए बावल व मानेसर क्षेत्र अहम रोल अदा कर रहा है। इसके अलावा, दिल्ली मुंबई व अमृतसर कोलकाता एक्सप्रेस-वे तथा कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस-वे पर मेजर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।