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हरदासपुरा कांड: आत्महत्या के तीन दिन बाद बहादुर के शव का पोस्टमार्टम, पुलिस वैन से खींच सतपाल पर किया था हमला

Thu, 05 Jun 2025 09:14 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा (पंजाब)

सार

पत्नी लखविंदर कौर के साथ छेड़छाड़ करने के कारण सतपाल ने गुरुद्वारा रविदास के ग्रंथी बलजीत सिंह को पीटा था, विवाद के बाद गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान मलकीत सिंह , सुखदेव सिंह और हरप्रीत सिंह ने सतपाल के खिलाफ बेअदबी को झूठी अनाउंसमेंट करवा दी थी।  
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गाड़ी का शीशा तोड़ते आरोपी - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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आत्महत्या के तीन दिन बाद हरदासपुरा के बहादुर सिंह का धूरी के सरकारी अस्पताल में माहिर डॉक्टर्स के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया है। बरनाला के गांव हरदासपुरा में पुलिस वैन से खींच कर अमृतधारी युवक सतपाल सिंह को तेजधार हथियारों से काटने वाले 28 आरोपियों में से मुख्य आरोपी बहादुर सिंह ने दो जून की रात आत्महत्या कर ली गई थी। 
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तीन जून को पुलिस जिला संगरूर के थाना शेरपुर के अधीन गांव टिब्बा ठुल्लीवाल लिंक सडक के समीप ड्रेन की पटड़ी पर बहादुर सिंह का शव पेड़ से लटका मिला था। शव मिलने के बाद से परिवार इसे कत्ल बताकर उच्च स्तरीय जांच की मांग पर अड़ा था। परिवार ने किसान जत्थेबंदियों को साथ लेकर शव चौराहे में रख धरना प्रदर्शन करने की धमकी दी थी। इसी के चलते बहादुर का शव धूरी के सरकारी  अस्पताल में रखा गया था। 

थाना शेरपुर के प्रभारी गुरपाल सिंह ने बताया कि वीरवार को बहादुर सिंह की मां चरनजीत कौर के बयान पर सीआरपीसी की धारा 174 में कानूनी कार्रवाई की गई है। परिवार की मांग पर डॉक्टर्स के बोर्ड द्वारा धूरी सरकारी अस्पताल बहादुर सिंह  के शव का पोस्टमार्टम किया गया है। बहादुर सिंह के खिलाफ थाना महल कलां में सतपाल सिंह को पुलिस वैन से खींच तलवारों से काटने का केस दर्ज है इसलिए दोनों पुलिस थाने आपस में तालमेल कर जांच आगे बढ़ा रहे हैं। 
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गुरपाल सिंह ने बताया कि बहादुर सिंह ने अपनी सेंट्रो कार की सीट बेल्ट से फंदा लगाकर खुदकुशी की है। आत्महत्या की घटना के दौरान बहादुर सिंह के साथ हरदासपुरा का हरमन सिंह भी था और किसी चरवाहे के पास बैठा बातें कर रहा था। बहादुर के फंदा लगाने के बाद हरमन डर के मारे फरार हो गया क्योंकि सतपाल पर हमले के मामले में हरमन भी नामजद आरोपी है। 

सतपाल की हालत गंभीर

30 मई को पुलिस वाहन और हथियारबंद पुलिस अधिकारीयों की हिरासत से खींच कर तेजधार हथियारों से काटे गए सतपाल सिंह की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। खून का रिसाव अधिक हो जाने के कारण उसका ऑपरेशन नहीं हो सका है। किरपाण के वार से उसके दिल में गहरी चोट पहुंची है और डॉक्टर्स की टीम उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। 

28 नामजद आरोपियों में से तीन को महल कलां पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सतपाल पर हमले के दौरान उसकी पत्नी लखविंदर के सिर और टखनों पर गंभीर चोटें आईं थी, हुजूम ने सतपाल के पिता नरंजन सिंह और भाई पलविंदर सिंह को भी पीटा और घर में खड़ा ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, टीवी,फ्रिज और अन्य कीमती सामान भी तोड़ दिया था। 

पत्नी लखविंदर कौर के साथ छेड़छाड़ करने के कारण सतपाल ने गुरुद्वारा रविदास के ग्रंथी बलजीत सिंह को पीटा था, विवाद के बाद गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान मलकीत सिंह , सुखदेव सिंह और हरप्रीत सिंह ने सतपाल के खिलाफ बेअदबी को झूठी अनाउंसमेंट करवा दी थी। 27 मई को इसी वजह से सतपाल ने सुखदेव सिंह को किरपाण से हमला करके घायल कर दिया, जिसके बाद 30 मई को सुखदेव सिंह के बेटे बहादुर सिंह ने हुजूम के साथ मिलकर सतपाल को पुलिस वैन से खींच कर उसके दिल में खंजर उतार दिया था, हुजूम ने सतपाल पर दर्जनों वार किए और हथियारबंद पुलिस मूक दर्शक बनी रही।
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