चंडीगढ़। कभी कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह के इंटरनेट मीडिया अकाउंट को संभालने वाले तथा वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ जेल में अमृतपाल के साथ बंद गुरिंदर पाल सिंह औजला ने अपनी जान को खतरा बताते हुए जेल को बदलने की हाईकोर्ट से मांग की है। बुधवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को 5 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब दायर करने का आदेश दिया है। साथ ही पंजाब सरकार को याची के मांगपत्र पर पक्ष रखने का आदेश दिया है। औजला ने अपनी याचिका में जान को खतरा और कुछ अन्य मामलों में फंसाने की आशंका के आधार पर डिब्रूगढ़ जेल से किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश जारी करने की मांग की है। याचिका में उन्होंने मुकदमे को तेज करने की भी गुहार लगाई है ताकि वह अपनी पत्नी और बेटी के पास जा सकें, जो वर्तमान में उसके बिना रह रही हैं।
कपूरथला के फगवाड़ा निवासी औजला को पंजाब पुलिस ने 20 मार्च, 2023 को जालंधर से गिरफ्तार किया था। बाद में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत डिब्रूगढ़ जेल में स्थानांतरित कर दिया था। 25 सितंबर को याचिकाकर्ता ने खतरे की आशंका के आधार पर जेल स्थानांतरित करने के लिए विभिन्न अधिकारियों को एक मांगपत्र दिया।
औजला के अनुसार अमृतपाल सिंह प्रकरण से संबंधित मामलों को छोड़कर उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। याची ने स्पष्ट किया है कि अगर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये या उनके वकील की मौजूदगी में सुनवाई की जाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन आज तक उनके खिलाफ मुकदमा शुरू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
औजला वर्तमान में अमृतपाल सिंह और उनके अन्य सहयोगियों के साथ उसी जेल में कैद हैं, उसके अनुरोध पर मार्च में उसे अलग बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया था। अब उसका दावा है कि उसकी जान को गंभीर खतरा है और डिब्रूगढ़ जेल में रहते हुए उन पर हमला होने का डर है।