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Panchkula News: सिविल अस्पताल में जहां चोरियां हो चुकीं, वहां भी नहीं मिले गार्ड

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पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में जहां चोरियां हो चुकी हैं, वहां भी सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं होते हैं। शनिवार को रात 11 बजे से एक बजे के बीच अस्पताल के इमरजेंसी से लेकर वार्डों में कुछ ऐसे ही हालात नजर आए। अस्पताल में दो से तीन रास्ते रात में खुले मिले और गार्ड नजर नहीं आए। ऐसे में कोई भी वारदात की आशंका रहती है। अस्पताल से डीजी ऑफिस सहित अफसरों की कोठियों में भेजे जाने क बाद सात गार्ड वापस नहीं आए हैं। इस कारण रात के समय अस्पताल में सुरक्षा के लिए गार्डों की कमी है।
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मेडिकल स्टोर और गायनी वार्ड में नहीं मिले गार्ड
इमरजेंसी और सरकारी दवाखाना में रात 11 बजे से 11:30 बजे तक व्यवस्था जांची। इस दौरान पहली मंजिल पर बने सरकारी मेडिकल स्टोर की ओर जाने वाला दरवाजा बंद मिला। यहां काेई सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं था। 15 अप्रैल को सरकारी दवाखाना का दरवाजा तोड़कर दवाएं चोरी हो गई थीं। यह दवा नशे के आदी मरीजों को ठीक करने के लिए दी जा रही थी। 28 अप्रैल को रात सिविल अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस से तीन मोबाइल फोन और मोबाइल डाटा टर्मिनल डिवाइस चोरी हो गया था। इसका भी पता नहीं लग पाया है। वहीं इमरजेंसी के मेन गेट, हार्ट सेंटर पर भी सिक्योरिटी गार्ड और सुरक्षा नहीं थी।
रात के समय काेई नहीं होता
अस्पताल के डी ब्लॉक के महिला वार्ड में भी 11:30 से 12 बजे तक सुरक्षा व्यवस्था जांची गई। इस दौरान यहां वार्ड खुला मिला। आने जाने वाले लोगों से कोई पूछताछ नहीं हो रही थी। मरीजों ने कहा कि दिन के समय सिक्योरिटी गार्ड तैनात होते हैं लेकिन रात के समय यहां काेई नहीं होता है।
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बच्चों के वार्ड में मरीज परेशान
रात 12 बजे से 12:30 बजे तक अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में हर बेड पर दो मरीजों का इलाज हाे रहा था। यहां भी सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं थे। बच्चे का इलाज कराने आए नरेश कुमार निवासी मौलीजागरां ने बताया कि रात के समय कोई सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं होता है। सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं है। रात 12.30 बजे से रात 1 बजे तक नागरिक अस्पताल का मेन गेट बंद रखा गया। इसके अलावा ऑक्सीजन प्लांट वाले रोड पर भी अंधेरा छाया रहा। यहां पर कोई गार्ड तैनात नहीं था।
अस्पताल में रात के समय गार्डों की मांग का प्रपोजल बनाकर हेड ऑफिस को भेजा गया है। जल्द ही गार्डों की स्वीकृति मिलने के बाद भर्ती की जाएगी। रात के समय चार से पांच गार्ड ही तैनात होते हैं। इनकी संख्या को जल्द बढ़ाया जाएगा। -डाॅ. आरएस चौहान, पीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल, सेक्टर-6
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