चंडीगढ़। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के लिए हरियाणा सरकार सहायता प्रदान करेगी। इसके लिए सरकार ने हरियाणा ग्रामीण औद्योगिक विकास योजना अधिसूचित की है। इसके तहत सरकार ‘बी’, ‘सी’ व ‘डी’ श्रेणी खंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यमों को न केवल सब्सिडी देगी, बल्कि किफायती ऋण प्रदान किया जाएगा।
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि नए सूक्ष्म उद्यमों को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति, 2020 के तहत एमएसएमई क्षेत्र के लिए निर्दिष्ट अन्य प्रोत्साहन भी प्राप्त होंगे। योजना के तहत लाभ प्रदान करने के लिए अनुमोदन पत्र 45 दिन, स्वीकृति पत्र सात दिन और लाभ संवितरण सात दिन के भीतर जारी कर दिया जाएगा।
प्लांट, मशीनरी और भवन पर सब्सिडी
योजना के तहत ‘बी’, ‘सी’ व ‘डी’ श्रेणी खंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य श्रेणी के उद्यमियों को प्लांट व मशीनरी और भवन पर किए गए निवेश पर 15 प्रतिशत सब्सिडी, अधिकतम 20 लाख और महिलाओं एवं अनुसूचित जाति के उद्यमियों को प्लांट व मशीनरी और भवन पर किए गए निवेश पर 15 प्रतिशत सब्सिडी, अधिकतम 25 लाख की पूंजीगत सहायता दी जाएगी। डीजल जनरेटर सेट की लागत पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 8000 रुपये प्रति केवीए निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, सावधि ऋण पर सात वर्षों के लिए सात प्रतिशत या अधिकतम आठ लाख रुपये प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी।
पांच साल के लिए योजना
इस योजना को पहली जनवरी, 2021 से प्रभावी माना जाएगा और पांच वर्षों की अवधि के लिए परिचालन में रहेगी। औद्योगिक इकाइयों को सांख्यिकीय उद्देश्य के लिए पोर्टल पर उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र और हरियाणा उद्यम ज्ञापन दाखिल करना होगा। योजना के तहत निदेशक/महानिदेशक, एमएसएमई 10 लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी और अतिरिक्त निदेशक, एमएसएमई 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे। अगर कोई गलत तथ्यों के आधार पर लाभ लेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।