फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगले पांच साल में एक लाख सरकारी नौकरियां देगी हरियाणा सरकार, खास प्लानिंग की तैयारी

Sun, 18 Oct 2020 02:15 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क,चंडीगढ़
विज्ञापन
मनोहर लाल खट्टर (फाइल)
विज्ञापन

हरियाणा सरकार अगले पांच साल में एक लाख और सरकारी नौकरी के अवसर युवाओं को प्रदान करेगी। इसके लिए खास प्लानिंग बनाई जा रही है। इसके साथ-साथ प्रदेश सरकार आबकारी राजस्व को भी और बढ़ाने में जोर देगी। अगले साल तक इस राजस्व को 7 हजार करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछले छह वर्षों में लगभग 85 हजार पदों पर सरकारी भर्तियां मेरिट आधार पर की गई हैं । आगामी पांच वर्षों में एक लाख से अधिक पदों पर और भर्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जो मेरिट आधार पर कर्मचारी भर्ती किए गए हैं, वे निश्चित रूप से जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे और भ्रष्टाचार से दूर रहेंगे ऐसा उनका मानना है।

पिछले छह वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने व व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लाने की पहल की है। इस कड़ी में काफी हद तक सफलता भी प्राप्त हुई है। चाहे वह मेरिट आधार पर भर्तियां करने की बात हो या अध्यापक स्थानांतरण नीति की बात हो।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में विकास की गति में तेजी लाने के लिए जिला परिषदों के अलग से सीईओ नियुक्त करने के बाद शहरी स्थानीय निकायों में भी अलग से जिला नगर आयुक्त लगाए गए हैं। इससे इन संस्थानों के वित्तीय संसाधन जुटाने में भी मदद मिल रही है। पहले स्थानीय निकाय बजट के लिए इस बात पर निर्भर रहती थी कि सरकार की ओर से उन्हें केंद्रीय वित्त आयोग या राज्य वित्त आयोग से ग्रांट मिल जाएगी। परंतु अब वे स्वयं के संसाधन जुटाने में लगे हैं। निकायों में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

शराब घोटाले के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि डिस्टलरी से लेकर शराब के ठेकेदारों तक यह एक कड़ी होती है और अलग-अलग राज्यों से इसके तार जुड़े रहते हैं। चंडीगढ़ में हालांकि कोई डिस्टलरी नहीं है, लेकिन यहां पर कई बॉटलिंग प्लांट है, जिससे अन्य राज्यों में शराब जाती है। हरियाणा की डिस्टलरी में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस व ईटीओ कार्यालय की संयुक्त पैट्रोलिंग टीमें शराब की आवाजाही पर निगरानी रखती हैं। वर्ष 2014-15 में आबकारी राजस्व 3200 करोड़ रुपये था जो वर्ष 2020-21 में अब तक 6400 करोड़ रुपये हो गया है और अनुमान है कि यह 7000 करोड़ रुपये हो जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें