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हरियाणा में भेंगेपन का इलाज करवाएगी सरकार स्कूल बच्चों का पता लगाने को कहा

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चंडीगढ़। हरियाणा में सरकार कैराटोप्लास्टी सर्जरी की जरूरत वाले लोगों का सर्वेक्षण करवा कर उनका इलाज करवाएगी। यह सर्जरी कार्निया प्रत्यारोपण की एक प्रक्रिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को राज्य के स्कूलों में भेंगेपन से पीड़ित बच्चों का सर्वेक्षण करने के लिए भी कहा है। जिससे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत ऐसे बच्चों का भी इलाज किया जा सके।
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मुख्यमंत्री बुधवार को यहां की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा की सातवीं जनरल बॉडी मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डॉ. बनवारी लाल भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के कोविड प्रबंधन मॉडल से प्रभावित होकर थाईलैंड सरकार इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में है। मंत्री ने बताया कि दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम के विस्तार के लिए प्रदेश के सभी 22 जिलों में नेत्र बैंक स्थापित किए गए हैं। विभाग जल्द ही अस्पतालों में कार्यात्मक रसोई की सुविधा शुरू करने जा रहा है। जिस प्रकार सरकारी स्कूलों के बच्चों को आरबीएसके के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। उसी प्रकार निजी स्कूलों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रेणी में आने वाले बच्चों को भी आरबीएसके के तहत स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि भारत सरकार की ई-संजीवनी ओपीडी-सेफ होम ओपीडी पहल को आठवां स्थान मिला है। इसके तहत राज्य में लोगों को 24 घंटे परामर्श प्रदान किया जा रहा है। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने को कहा ताकि राज्य के लोगों के लिए ई-संजीवनी परामर्श सेवा 24 घंटे उपलब्ध होना सुनिश्चित हो सके।
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