प्रदीप चौधरी बोले- जलभराव, सड़कें और भूस्खलन जैसी समस्याओं पर नहीं हुआ स्थायी समाधान
कालका क्षेत्र में पिछले साल की समस्याओं का किया जिक्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने मानसून की तैयारियों को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान कालका विधानसभा क्षेत्र में जलभराव, टूटी सड़कों और बंद रास्तों जैसी समस्याएं सामने आई थीं, लेकिन एक साल बाद भी उनका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
प्रदीप चौधरी ने कहा कि बरसात सिर पर है, लेकिन पानी की निकासी, नालों की सफाई और संवेदनशील स्थानों पर पुख्ता इंतजाम केवल कागजों और दावों तक सीमित नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर साल मानसून के दौरान लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं, लेकिन सरकार समय रहते सबक नहीं लेती।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र मोरनी में बरसात का सबसे अधिक असर पड़ता है। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन से सड़कें बंद हो जाती हैं, जिससे स्थानीय लोगों और किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। मोरनी क्षेत्र के किसान बड़ी मात्रा में सब्जियों की खेती करते हैं, लेकिन रास्ते बंद होने के कारण कई बार उनकी उपज समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पाती और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
पूर्व विधायक ने प्रशासन से सवाल किया कि मानसून से पहले संवेदनशील स्थानों पर क्या तैयारियां की गई हैं। उन्होंने पूछा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में तत्काल रास्ते खोलने के लिए जेसीबी मशीनों और टीमों की व्यवस्था की गई है या नहीं। साथ ही पहाड़ों से मलबा आने और सड़कें बंद होने की स्थिति से निपटने के लिए बनाई गई कार्ययोजना की जानकारी भी मांगी।
उन्होंने कहा कि केवल बैठकों और कागजी तैयारियों से काम नहीं चलेगा। जनता को जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं दिखाई देनी चाहिए, ताकि बरसात के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।