तीन साल पुराने केस में सबूतों के अभाव में जिला अदालत का फैसला
जुलाई 2023 में पिंजौर थाने में दर्ज हुआ था मामला
अदालत ने कहा, आरोप साबित करने में असफल रहा अभियोजन पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। करीब तीन साल पुराने पॉक्सो मामले में जिला अदालत ने पिंजौर निवासी एक युवक को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका। इसी आधार पर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया।
मामला जुलाई 2023 का है। पिंजौर थाना पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर युवक के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार 11 जुलाई 2023 की शाम उनकी 13 वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई थी।
परिजनों ने तलाश के दौरान उसे एक खाली कमरे में आरोपी के साथ पाया था। आरोप था कि परिवार के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर 15 जुलाई 2023 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में पहुंचा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों का परीक्षण किया गया, लेकिन अदालत ने उन्हें आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं माना।
आरोपी को 18 सितंबर 2024 को जमानत मिल गई थी। करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद सोमवार को जिला अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया।