चंडीगढ़। मौसम में बदलाव को देखते हुए पंजाब सरकार ने वेक्टर जनित, जलजनित और जूनोटिक बीमारियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने उच्चस्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में पूरी रणनीति तय की। सरकार ‘हर शुक्रवार डेंगू ते वार’ अभियान चलाएगी, जिसमें सुबह 8 से 9 बजे तक लोगों को जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, रेबीज और लेप्टोस्पायरोसिस से निपटने के लिए ‘वन हेल्थ’ अप्रोच अपनाना जरूरी है, जिसमें मानव, पशु और पर्यावरण तीनों को साथ लेकर काम किया जाए। राज्य में जांच व्यवस्था मजबूत की गई है। 47 सेंटिनल अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया के मुफ्त एलिसा टेस्ट हो रहे हैं, जबकि आम आदमी क्लीनिकों में भी जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में डेंगू के 23,389 केस थे, जो 2025 में घटकर 4,981 रह गए। मौतें भी 55 से घटकर 8 तक आ गई हैं। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को जन आंदोलन बनाया जाए, जिसमें स्कूलों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो।
सरकार ने चेताया कि अब 42% मामले गांवों से आ रहे हैं। ऐसे में फॉगिंग, तालाबों में दवा छिड़काव और गंबूसिया मछली छोड़ने जैसे कदम तेज किए जाएंगे। वहीं, 746 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है।