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गेहूं किसानों को 500 रुपये क्विंटल मुआवजा दे सरकार, शिअद सोमवार को सभी जिला उपायुक्तों को सौंपेगा ज्ञापन

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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने घोषणा की है कि वह 9 मई को राज्य में जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपकर किसानों को गेहूं की कम पैदावार के लिए 500 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा देने की मांग करेगा। साथ ही पार्टी ने आप सरकार से सूबे के किसानों को कर्ज मुक्त करने के लिए ट्रिपल शेयरिंग फॉर्मूला अपनाने की मांग करते हुए कहा है कि इसके लिए लोक अदालतें बनाई जानी चाहिए। शनिवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने राज्य के वित्तमंत्री पर 2 मई को पनबस में 1337 पदों को आउटसोर्सिंग के जरिये भरने की मंजूरी देने के मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
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उन्होंने कहा कि स्थायी रोजगार प्रदान करने का वादा करके सत्ता में आई आप की सरकार ने सत्ता की बागडोर संभालने के दो महीने के भीतर ही राज्य के युवाओं के साथ विश्वासघात किया है। प्रो. चंदूमाजरा ने कहा कि गिरदावरी पूरी होने के बावजूद किसानों को बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल के नुकसान के लिए मुआवजे से वंचित किया जा रहा है, हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की थी कि बिना किसी गिरदावरी के मुआवजा जारी किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि राज्य को केंद्र द्वारा प्राकृतिक आपदा के मामले को मंजूरी देकर गेहूं की पैदावार के नुकसान के लिए किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मुआवजा देने का मुद्दा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य को पेट्रोल और डीजल पर राज्य वैट के माध्यम से एकत्रित अतिरिक्त राशि से किसानों को 250 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा भी जारी करना चाहिए। डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाबियों की समस्याओं का समाधान न करने की स्थिति में अकाली दल संघर्ष करने पर मजबूर हो जाएगा। डॉ. चीमा ने कहा कि अकाली दल बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति के खिलाफ आवाज उठाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामले दर्ज करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय तुरंत खनन पॉलिसी लाए।
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