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कोरोना से मरने वाले पत्रकारों के आश्रितों को दी जाए 50 लाख की सहायता

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पंचकूला। राजस्थान सरकार की तरह ही कोरोना महामारी से मरने वाले पत्रकारों के आश्रितों को सहायता के रूप में 50 लाख रुपये की राशि देने का प्रावधान करना चाहिए। इसके अलावा पत्रकारों की बीमा राशि का भुगतान भी राज्य सरकार द्वारा किया जाना चाहिए। ऐसा इसलिए ताकि जान जोखिम में डालकर पत्रकारिता में लगे लोगों को सुरक्षा कवच मिल सके। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। इनकी सुरक्षा करना भी सरकार का दायित्व है। यह मांग प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने की है।
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चंद्रमोहन ने कहा कि पत्रकारों को दी जा रही मासिक पेंशन को भी 10 हजार प्रति माह से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए, ताकि इस बढ़ती महंगाई के दौरान उन्हें कुछ राहत मिल सके। एक पत्रकार समाज का प्रतिबिंब होता है, जो समाज में घटित होने वाली घटनाओं का मूर्त चित्रण करके समाज को जगाने का काम करता है। एक पत्रकार इन घटनाओं पर पैनी नजर रखता है। इसकेे साथ ही उन्होंने मांग की है कि एक प्रावधान करके विधायकों की तर्ज पर पत्रकारों को वाहन स्टीकर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ, ऐसे वाहनों को टोल फ्री भी किया जाए। सरकार अपने स्तर पर पत्रकारों का बीमा राशि, जो 10 लाख रुपये का बीमा करवाने पर एक तिहाई और 20 लाख का बीमा करवाने पर प्रीमियम की आधी राशि पत्रकार को भरनी पड़ती है, को भी सरकार द्वारा भरने का प्रावधान करे।
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