चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू नहीं की जा सकती। सीनेट के चुनाव की प्रक्रिया आठ से नौ माह तक चलती है। ऐसे में इतनी लंबी आचार संहिता चलने से पीयू का कार्य प्रभावित होगा। इस स्थिति में पीयू आगे नहीं बढ़ पाएगा। यह फैसला सिंडिकेट की शनिवार को हुई बैठक में लिया गया।
सीनेट के चुनाव में आदर्श आचार संहिता लागू करने की मांग उठी थी। सिंडिकेट की विशेष बैठक इसी के लिए बुलाई गई। शनिवार को हुई बैठक में सभी सदस्य एक राय दिखे। बताया कि सीनेट के चुनाव व अन्य चुनाव में काफी अंतर होता है। कोई चुनाव नौ माह से दस माह तक नहीं चलता, लेकिन सीनेट के चुनाव चलते हैं। नौ माह पहले चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करके यदि आचार संहिता लागू कर दी जाएगी तो उसके बाद पीयू में कार्य प्रभावित होते चले जाएंगे। सीनेट का काम पीयू को आगे ले जाना है न कि पीछे धकेलना। इस बात पर सभी सहमत हो गए कि इतनी लंबी आदर्श आचार संहिता लागू नहीं हो सकती। हालांकि यह सुझाव दिया गया कि चुनाव के दौरान कोई मेंबर सरकारी मशीनरी आदि का दुरुपयोग न कर सके, इसके लिए नियम बनाए जाएं। इस पर सभी ने मुहर लगा दी। कुछ अन्य प्रस्ताव भी रखे गए, जिन पर चर्चा हुई।