किसान सम्मेलन में मौजूद पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन व किसान।
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बरवाला। गांव बरवाला, कामी, सुल्तानपुर, बतौड़ व रिहौड़ में कांग्रेस पार्टी किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन भी इसमें पहुंचे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार व केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि उग्रवादियों की तरह किसान नेताओं को गिरफ्तार किया गया और अवैध तरीके से उन्हें नजरबंद किया गया है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के लिए देश का पेट पालने वाले किसान व मजदूर महत्वपूर्ण नहीं है अपितु उसके लिए कॉरपोरेट घराने महत्वपूर्ण हैं, जिनको लाभ पहुंचाने के लिए उनके इशारों पर यह सरकार काम कर रही है।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशी शर्मा, देवेन्द्र शर्मा, रवींद्र शर्मा, रजनीश शर्मा रिहौड, मिंकु पंडित, शिवराज कौशिक, कृष्ण राणा, अमर सिंह पूर्व सरपंच बरवाला, सिंह राम, राजेंद्र काका, अनिल शर्मा सहित कई लोग मौजूद थे।
किसानों पर अत्याचार ने अंग्रेजी हुकूमत की याद दिलाई
चंद्रमोहन ने कहा कि जिस प्रकार से किसानों पर आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार सर्दी के मौसम में छोड़ी गईं और लाठियां भांजी गईं उसने अंग्रेजी हुकूमत की याद ताजा कर दी है। उन्होंने कहा कि किसानों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज को उठाने से दिल्ली जाने से रोकने की बजाय उनकी जायज मांगों को पूरा करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के बारे में अलग से कानून बनाकर उनके कष्ट को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। किसानों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को अड़ियल रवैया त्यागकर तीनों कृषि कानूनों को तुरंत वापस लेना चाहिए ताकि किसानों के हितों पर डाका डालने से उन्हें बचाया जा सके।