चंडीगढ़। यूटी प्रशासक व पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर ने शहर के सभी चिकित्सा संस्थानों को ओपीडी खोलने के निर्देश जारी किए हैं। इस निर्देश के बाद सोमवार को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. जसविंदर कौर ने सभी विभाग प्रमुखों के साथ बैठक कर 16 फरवरी से सभी ओपीडी खोलने का फैसला लिया है।
बैठक में विभाग प्रमुखों ने कोविड के दिशा-निर्देश का पालन करते हुए ओपीडी में मरीजों के रोगों की जांच शारीरिक रूप से उपस्थित होकर करने का फैसला लिया। इससे जो मरीज ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करवा पा रहे थे, उन्हें आसानी होगी। बैठक में तय किया गया कि ओपीडी में शारीरिक रूप से अभी केवल चंडीगढ़ के मरीजों को देखा जाएगा। इसके बाद अस्पताल में आने वाले मरीजों की तादाद को देखते हुए एक सप्ताह बाद ओपीडी को ट्राइसिटी के रोगियों के लिए खोला जाएगा। उधर, टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी की सुविधा पूर्ववत जारी रहेगी। इसके माध्यम से शहर के बाहर रहने वाले मरीज अपना पंजीकरण करवाकर रोग का उपचार ले सकेंगे।
डॉक्टर को दिखाने के लिए पंजीकरण जरूरी
ओपीडी के लिए मरीजों का सुबह 8 से 11 बजे तक पंजीकरण होगा। पंजीकरण के बाद ही मरीजों को ओपीडी में देखा जाएगा। वहीं, ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। बिना पंजीकरण के ओपीडी में किसी मरीज को डॉक्टर की ओर से नहीं देखा जाएगा। वहीं, ओपीडी में आने वाले मरीजों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जाएगा। मरीज के साथ एक अटेंडेंट को अंदर जाने की अनुमति होगी।