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‘गांधी परिवार और ज्ञानी जैल सिंह के खिलाफ हुक्मनामा जारी किया जाए’

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अमृतसर। अकाली सरकार में विधायक रहे विरसा सिंह वल्टोहा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से 1984 में हुए जुल्म के मामले में गांधी परिवार और तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के खिलाफ हुक्मनामा जारी करके इनको सिख कौम का दुश्मन घोषित करने की अपील की है। वल्टोहा ने यह अपील शुक्रवार को ग्रीन एवेन्यू स्थित अपने निवास स्थान पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान की।
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वल्टोहा ने कहा कि जून 1984 में घल्लूघारे और नवंबर 1984 में दिल्ली सहित अन्य राज्यों में सिखों के साथ जुल्म के लिए के लिए गांधी परिवार जिम्मेदार है। इस बारे में देश के तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह को पूरी जानकारी थी, लेकिन फिर भी उन्होंने पद से इस्तीफा देकर सिख कौम के साथ खड़े होना ठीक नहीं समझा। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का मकसद देश के लोगों में सिखों का खौफ पैदा करके संसद के चुनाव जीतना था। इसके लिए ही घल्लूघारे के बाद दिल्ली सहित कई राज्यों में बेकसूर सिखों की हत्या की गई।
उन्होंने कहा कि पिछले समय के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी किए हुक्मनामों की पुस्तक पढ़कर पता चला कि सिखों के कत्लेआम और घल्लूघारे की घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई हुक्मनामा जारी नहीं किया गया। वैसे तो यह 1984 में या उसके बाद हो जाना चाहिए था। सिख कौम के खिलाफ दुश्मनी निभाने वालों को सिख कौम का दुश्मन करार दिया जाना चाहिए। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से अपील करते हुए कहा कि इसके लिए इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और ज्ञानी जैल सिंह को सिख कौम के दुश्मन घोषित करने का हुक्मनामा जारी करें। इस अवसर पर अकाली नेता तलबीर सिंह गिल और अवतार सिंह ट्रकांवाला भी उपस्थित थे।
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