फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जर्मनी हरियाणा से सीखेगा पानी बचाने की तकनीक

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। हरियाणा में चल रही फसल विविधिकरण योजना से जर्मनी भी प्रभावित हुआ है। अब जर्मनी भी इस योजना पर अमल करके जल बचाने की तकनीक पर काम करेगा। इतना ही नहीं परिवार पहचान पत्र योजना पर भी जर्मनी ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए इसकी पूरी जानकारी हासिल की है। सोमवार को जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे. लिंडनर ने इन दोनों योजनाओं को लेकर यहां मुख्यमंत्री कार्यालय में सीएम मनोहर लाल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवार पहचान पत्र योजना के तहत एक ऐसी प्रणाली विकसित की गई है, जिसमें प्रत्येक परिवार की एक इकाई के रूप में पहचान की जाती है ताकि पात्र परिवार सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा सके। सरकार फसल विविधीकरण योजना के तहत पानी की कम खपत करने वाली फसलों को बढ़ावा दे रही है। इस योजना के तहत किसानों को कम पानी की खपत वाली फसलों की पैदावार करने के लिए अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है।
विज्ञापन

वाल्टर जे. लिंडनर द्वारा जलवायु परिवर्तन के संबंध में उठाए गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सौर ऊर्जा जैसे बिजली उत्पादन के वैकल्पिक स्रोतों की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं, जो विशेष रूप से हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों में आमजन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करते हैं। वाल्टर जे. लिंडनर ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि भावी विकास प्रयासों और अन्य आदान-प्रदान कार्यक्रमों के लिए भी जर्मनी सरकार द्वारा पूर्ण समर्थन एवं सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डी.एस. ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, विजयेंद्र कुमार, एसीएस डॉ. सुमिता मिश्रा, विदेशी सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव योगेंद्र चौधरी, आनंद मोहन शरण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें