चंडीगढ़/सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला)। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने आखिरकार फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के भगोड़े निरीक्षक राजेश्वर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। विभाग के सुल्तानपुर लोधी कार्यालय में तैनात रहे राजेश्वर सिंह को 3191.10 क्विंटल गेहूं का गबन कर सरकारी खजाने को 80,43,678 रुपये का चूना लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घोटाले में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा यह चौथी गिरफ्तारी की गई है। राजेश्वर सिंह डेढ़ साल से भगोड़ा था। उसने सुलतानपुर लोधी की अदालत में आत्मसमर्पण करना चाहा लेकिन विजिलेंस ब्यूरो ने उसे दबोच लिया और अदालत में पेश करके तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि साल 2021 के दौरान जिला खाद्य एवं सप्लाई कंट्रोलर कपूरथला की तरफ से एफसीआई के साथ मिलकर मेसर्स खैरा ओपन पलिंथ (गोदाम) सुल्तानपुर लोधी में विभाग द्वारा गरीब परिवारों को बांटने के लिए भंडारण किए गेहूं की चेकिंग के दौरान अंदाजन 24240.45 क्विंटल गेहूं का कम होना पाया गया था। विभाग के 5 निरीक्षकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। इस केस में विवेक शर्मा, विकास सेठी और भुपिंदर सिंह (सभी निरीक्षक) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी निरीक्षक राजेश्वर सिंह करीब डेढ़ साल से भगोड़ा था। वह सुल्तानपुर लोधी की अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुंचा, जहां से विजिलेंस ब्यूरो ने उसे गिरफ्तार करके उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है।
ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड और कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, सुल्तानपुर लोधी में तैनात निरीक्षकों की तरफ से गेहूं के वितरण के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। इस कारण कितने ही लाभार्थी अब भी गेहूं प्राप्त करने से वंचित रह गए। सुल्तानपुर लोधी में तैनात स्टाफ की तरफ से गेहूं की संभाल और भंडारण में घोर लापरवाही के चलते न केवल गेहूं का स्टाक खराब हुआ बल्कि गेहूं की कमी भी पाई गई। इस कारण विवेक शर्मा, भुपिंदर सिंह, सुल्तानपुर लोधी, विकास सेठी, राजेश्वर सिंह (सभी निरीक्षक) और मनीष बस्सी, सहायक खाद्य एवं सप्लाई अफसर सुल्तानपुर लोधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 120-बी और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13 (2) के अंतर्गत पहले ही मुकदमा दर्ज किया हुआ है।