चारों नहीं जानते हैं तैरना
नदी में नहाने के लिए उतरे परवीन समेत चारों युवकों में से किसी को भी तैरना नहीं आता था। युवकों को इस बात का भ्रम था कि नदी में पानी कम है। मगर नदी का तल समतल नहीं है। कई जगह गड्ढे बने होने के कारण वहां पानी की गहराई ज्यादा हो जाती है। मगर ऊपर से इसका पता नहीं चल पाता है। यही कारण रहा कि चारों युवकों को पानी की गहराई का आभास नहीं हुआ और इसकी कीमत परवीन को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी।
पुलिस ने लगाई है धारा 144
पुलिस ने जिले में नदी और नालों के पास धारा -144 लागू की हुई है। किसी को भी इनके पास जाने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि सितंबर तक नदी-नालों पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी नहीं किया जा सकता है। वहीं डीसीपी सुरेंद्रपाल ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को भी इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए थे कि कोई भी नदी नालों के पास न जा सके। चौकी और थाना प्रभारी सुनिश्चित करें कि इन नियमों का सख्ती के साथ पालन किया जाए। अगर इसके बावजूद कोई नदी नालों के पास जाता है तो चौकी और थाना प्रभारी पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की तरफ से नदी नालों के आसपास धारा -144 लगाई गई है। पुलिस की ओर से इसका पालन करवाया जा रहा है। ऐसे स्थानों पर दिन-रात गश्त भी की जा रही है। जब यह हादसा हुआ तो उनकी पीसीआर कर्मचारी टोडा गांव के नजदीक ही गश्त पर थे। पुलिस की ओर से नदी नालों के पास से गुजरने वाले शॉर्टकट, कच्चे रास्तों व नदी पुलों के पास चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। एनाउंसमेंट करके भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं धारा 144 का उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है। - गुलाब सिंह, प्रभारी, मौली पुलिस चौकी