नगर निगम 159 करोड़ गबन मामला: विजिलेंस करेगी गहन पूछताछ, फर्जी दस्तावेज और संपत्तियों की जांच तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। करीब 158 करोड़ रुपये के गबन के मामले में विजिलेंस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शुक्रवार सुबह अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। विजिलेंस ने मामले में सात दिन की रिमांड मांगी थी।
रिमांड के दौरान विजिलेंस टीम आरोपी से गहन पूछताछ करेगी। साथ ही उसके गांव और ससुराल से फर्जी मुहरें व डेबिट नोट बरामद करने की तैयारी है। इसके अलावा बैंक दस्तावेज, निजी डायरी और कथित गबन की रकम से खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों की भी जांच की जाएगी। सेक्टर-12ए निवासी विकास कौशिक को 2 अप्रैल को सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसका मेडिकल भी कराया गया। मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस टीम ट्राइसिटी समेत हरियाणा और पंजाब के विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दे रही है।
गबन मामले की परतें खुलेंगी
विजिलेंस इस मामले में अब तक चार आरोपियों दिलीप राघव, रजत धारा, कपिल और विकास कौशिक को गिरफ्तार कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार इस घोटाले में कई सरकारी, गैर-सरकारी और बैंक कर्मियों की संलिप्तता की आशंका है, जिसकी जांच जारी है। विजिलेंस जल्द ही रिटायर्ड अधिकारियों और नगर निगम के पूर्व अकाउंटेंट को भी जांच में शामिल कर सकती है। आरोप है कि गबन के दौरान उनके फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। ऐसे में यह जांच की जाएगी कि हस्ताक्षर असली हैं या नकली।