चंडीगढ़। हरियाणा में ई-व्हीकल हब बनाने को लेकर विचार चल रहा है। इसके लिए बकायदा एक विशेष कलस्टर तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बुधवार को यहां ‘ई-व्हीकल पॉलिसी’ गठन को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग में कार निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मंथन किया। कार निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपने अपने सुझाव भी दिए। डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य सरकार का विचार है कि प्रदेश के सरकारी विभागों में अधिक से अधिक ‘ई-व्हीकल्स’ का प्रयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जो भी नए सरकारी वाहन खरीदें जाएं, इनमें हेडक्वार्टर से जुड़े वाहन पेट्रोल-डीजल से कनवर्ट होकर ई-व्हीकल की ओर जरूर बढ़ने चाहिए। इसके लिए चंडीगढ़, पंचकूला, गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ अन्य शहरों में भी बड़े व छोटे सचिवालयों में ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बागवानी जैसे क्षेत्र में भी ई-ट्रेक्टर का प्रयोग किया जा सकता है, इसके लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए पॉलिस के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फीस आदि में रियायतें दी जाएगी।
मारुति सुजुकि इंडिया लिमिटेड, हीरो कॉरपोरेट सर्विसिज लिमिटेड, जेबीएम ग्रुप, मिंडा ग्रुप, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अमारा राजा ग्रुप, महिंद्रा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड, एथर एनर्जी, मैसर्ज एस्कॉर्ट लिमिटेड, नेसकॉम, फिक्की, एसोचैम, रूचि ग्रीन अर्थ समेत विभिन्न प्रसिद्ध कंपनियों व संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार द्वारा ‘ई-व्हीकल पॉलिसी’ के
तैयार किए गए ड्राफ्ट पर अपने विचार सांझा किए। दुष्यंत चौटाला ने इन सुझावों को राज्य सरकार की प्रस्तावित ‘ई-व्हीकल पॉलिसी’ के लिए अहम बताया और कहा कि इस पॉलिसी को अंतिम रूप देते वक्त उक्त सुझावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।