301 से 500 यूनिट खर्चने पर 50 रुपये प्रति किलोवाट, 500 यूनिट से अधिक खर्चने पर 75 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज लग रहा
बिल में 375 से 450 रुपये तक की सीधी बढ़ोतरी हो रही
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला में अप्रैल से लागू बिजली का फिक्स चार्ज चंडीगढ़ के फिक्स चार्ज से ढाई गुना अधिक है। अभी 301 से 500 यूनिट खर्च करने पर 50 रुपये प्रति किलोवाट और 500 यूनिट से अधिक खर्च करने पर 75 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज लग रहा है। जिससे बिल में 375 से 450 रुपये तक की सीधी बढ़ोतरी हो गई है। पहले घरेलू बिजली पर फिक्स चार्ज नहीं लगता था। एमएमसी के तहत बिल आने पर बिल या एमएमसी में जो अधिक होता था उसका भुगतान करना होता था। अब फिक्स चार्ज और बिल दोनों को भुगतान करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ में नवंबर से बिजली का फिक्स चार्ज बढ़ने के बाद भी पंचकूला का फिक्स चार्ज ढाई गुना अधिक है।
फिक्स चार्ज अधिक देने से बिजली उपभोक्तओं को आर्थिक चपत लग रही है। हरियाणा स्लैब में बदलाव, फिक्स चार्ज व बिजली दर के मूल्य में इजाफा होने से राज्य में 9 फीसदी से 50 फीसदी तक बिजली के बिल अधिक हो गए हैं। सबसे अधिक मार पांच किलोवाट से ऊपर वाले उपभोक्ताओं पर पड़ी है जिनके बिल में न्यूनतम 800 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसे कम करने के लिए आरडब्लूए ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखा है।
मुख्य पॉइंट
-पहले 50 यूनिट व उससे अधिक खपत पर 2.50 रुपये से लेकर 6.30 रुपये प्रति यूनिट अलग-अलग स्लैब के अनुसार बिल लिया जाता था। संशोधन के बाद अब उपभोक्ताओं से 6.50 से 7.50 तक लिए जा रहे हैं।
-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के स्लैब में लोड के मुताबिक बदला गया है। पहले के स्लैब को 151-250 को बदलकर 151 से 300 यूनिट तक कर दिया है। दूसरे स्लैब 251 से 500 यूनिट को बदलकर अब 301 से 500 यूनिट का स्लैब कर दिया गया है जबकि 501 से 800 वाले स्लैब में बदलकर अब 500 यूनिट के ऊपर का स्लैब माना गया है।
संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन
पंचकूला सेक्टर-20 की आरडल्यूए ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग ने 5 किलोवॉट और उससे ऊपर लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अनुचित चार्ज तय किया है। एसोसिएशन का कहना है कि चंडीगढ़ में बिजली कंपनी बहुत कम दरों पर बिजली आपूर्ति कर रही हैं जबकि हरियाणा के उपभोक्ताओं से ढाई गुना अधिक फिक्स चार्ज लिया जा रहा है। यह स्थिति संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन करती है। जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्णय दिया है कि राज्य किसी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं कर सकता।
चंडीगढ़ और हरियाणा की तुलना
हरियाणा बिजली विभाग ने 5 किलोवॉट तक के उपभोक्ताओं के लिए 50 प्रति किलोवॉट का फिक्स चार्ज और 5 किलोवॉट से ऊपर के उपभोक्ताओं के लिए 75 प्रति किलोवॉट का फिक्स चार्ज तय किया है। चंडीगढ़ बिजली कंपनी की दरें काफी सस्ती हैं। चंडीगढ़ में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 किलोवॉट का फिक्स चार्ज लिया जा रहा है और बिजली की यूनिट दर भी कम है।
कोट
बिजली निगम की ओर से बढ़ाए टैरिफ (फिक्स चार्ज व नए स्लैब) सिस्टम को घटाने के बारे में विचार करना चाहिए। यह सभी उपभोक्ताओं की प्रदेश सरकार से अपील है। -सुभाष पपनेजा, निवासी सेक्टर-16 पंचकूला।