उपभोक्ता आयोग ने ट्रैवल कंपनी को ब्याज सहित 85,500 रुपये चुकाने का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। कोविड-19 के दौरान रद्द हुई रूस यात्रा का रिफंड पांच वर्षों तक नहीं लौटाने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ट्रैवल कंपनी के खिलाफ सख्त आदेश सुनाया है। आयोग ने कंपनी और उसके संचालकों को संयुक्त रूप से 70 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित लौटाने, 10 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न और 5,500 रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करने के निर्देश दिए हैं।
सेक्टर-26 निवासी 69 वर्षीय सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी ने शिकायत में बताया कि नवंबर 2019 में उन्होंने रूस यात्रा के लिए ‘लाइफ एंड हेरिटेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड’ को दो अलग-अलग खातों से 35-35 हजार रुपये के चेक दिए थे, जो 13 नवंबर 2019 को उनके खाते से डेबिट हो गए। मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध के चलते यात्रा रद्द हो गई।
शिकायतकर्ता ने धनवापसी की मांग की, जिस पर कंपनी ने 2023 में किश्तों में भुगतान की योजना साझा की, लेकिन तय समय सीमा में कोई राशि वापस नहीं की गई। आयोग ने बैंक रिकॉर्ड और व्हाट्सएप संदेशों के आधार पर पाया कि कंपनी ने भुगतान प्राप्त करने और रिफंड की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बावजूद राशि नहीं लौटाई। इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया।
नोटिस के बावजूद कंपनी के पेश न होने पर उसे एकतरफा (एक्स-पार्टी) घोषित कर आदेश पारित किया गया। आयोग ने टिप्पणी की कि जब सेवा प्रदान ही नहीं की गई, तो उपभोक्ता की राशि वर्षों तक रोकना गलत है, विशेषकर जब मामला एक वरिष्ठ नागरिक से जुड़ा हो।